{"_id":"66ac40dee7afd13e46060546","slug":"sehore-news-both-the-tiger-cubs-rescued-after-being-injured-by-a-train-in-budhni-died-2024-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sehore News: बुधनी से रेस्क्यू कर लाए गए दोनों बाघ शावकों की मौत, ट्रेन की चपेट में आने से हुए थे घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sehore News: बुधनी से रेस्क्यू कर लाए गए दोनों बाघ शावकों की मौत, ट्रेन की चपेट में आने से हुए थे घायल
Fri, 02 Aug 2024 07:44 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 02 Aug 2024 07:44 AM IST
सार
15 जुलाई को ट्रेन की चपेट में आने से एक नर शावक की मौत हो गई थी, जबकि दो मादा शावक घायल हो गए थे। दोनों मादा शावकों का इलाज चल रहा था इनमें से एक की मंगलवार को और दूसरे की बुधवार को मौत हो गई।
विज्ञापन
शावक बाघ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्रेन दुर्घटना में अत्यंत गंभीर रूप से घायल दो बाघ शावकों को मिड घाट रेलवे लाइन बुधनी से रेस्क्यू कर भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था। इन दोनों बाघ शावकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा सतत उपचार किया जा रहा था। अत्यंत घायल दूसरे बाघ शावक की भी मृत्यु हो गई। एक दिन के अंतराल में दोनों बाघ शावकों की मौत हो गई।
विज्ञापन
आधिकारिक जानकारी के अनुसार गंभीर रूप से घायल इन दोनों बाघ शावकों को निगरानी में रखा कर वन्य प्राणी चिकित्सक वन विहार द्वारा विशेषज्ञों के परामर्श लेकर सतत उपचार किया जा रहा था, परंतु दोनों बाघ शावकों के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें एवं कई जगह फैक्चर होने कारण उनका पिछला हिस्सा काम नहीं कर रहा था। बाघ शावक भोजन पानी भी नहीं ले रहे थे, जिससे उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा था। बेहतर उपचार के बावजूद दोनों बाघ शावको को बचाया नहीं जा सका। दोनों बाघ शावकों का पोस्टमार्टम उपरांत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों के समक्ष नियमानुसार दाह संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई को बुधनी के मिड घाट रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक नर शावक की मौत हो गई थी। वहीं दो मादा शावक घायल हो गए थे। इसी दिन इलाज के लिए भोपाल से डॉक्टर की टीम भी पहुंची थी। टीम इलाज की तैयारी कर रही थी तभी देर शाम बाघिन आ गई। इसके बाद डॉक्टर और वन विभाग की टीम को वहां से भागना पड़ा। बाघिन रात भर शावकों के पास बैठी रही, जिसके चलते 16 जुलाई को रेस्क्यू किया गया था। मिड घाट से दोनों शावकों को पहली बार ट्रेन से रेस्क्यू कर भोपाल तक लाया गया था। तभी से वन विहार में उनका इलाज चल रहा था मंगलवार को एक शावक की और बुधवार को दूसरे शावक की मौत हो गई।
विज्ञापन
