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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore news: Anand Malviya gets 20 years rigorous imprisonment for raping minor under POCSO Act in Sehore

Sehore news: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला आनंद मालवीय दोषी, विशेष न्यायालय ने सुनाई 20 साल की सख्त सजा

Thu, 14 Aug 2025 11:54 AM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Thu, 14 Aug 2025 11:54 AM IST
सार

MP: गुमशुदगी की सूचना पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 365/24 दर्ज कर धारा 87, 64(2)(एम) बीएनएस और 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान किशोरी को बरामद कर बयान लिए गए, जिनमें आरोपी आनंद मालवीय का नाम सामने आया था।

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Sehore news: Anand Malviya gets 20 years rigorous imprisonment for raping minor under POCSO Act in Sehore
आष्टा कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विशेष न्यायाधीश विजय डांगी, तहसील आष्टा ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक निर्णय देते हुए आरोपी आनंद मालवीय को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹25,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने इस अपराध को समाज के लिए कलंक बताते हुए कड़ी सजा का प्रावधान लागू किया।
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घटना का दर्दनाक खुलासा
विशेष लोक अभियोजक देवेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 21 नवंबर 2024 को जावर थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता ने पुलिस को बताया कि 20 नवंबर को बेटी सुबह 10 बजे स्कूल गई थी, लेकिन शाम 6 बजे तक घर नहीं लौटी। परिवार ने रिश्तेदारी और आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
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पुलिस की तत्परता और आरोपी की गिरफ्तारी
गुमशुदगी की सूचना पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 365/24 दर्ज कर धारा 87, 64(2)(एम) बीएनएस और 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान किशोरी को बरामद कर बयान लिए गए, जिनमें आरोपी आनंद मालवीय का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में ठोस साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट ने आरोपी के अपराध को सिद्ध किया। अंतिम बहस में अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। मामला सीहोर में चर्चा का केंद्र रहा था।
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अदालत ने दिया संदेश
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नाबालिग के साथ इस तरह का जघन्य अपराध न केवल पीड़िता और उसके परिवार बल्कि पूरे समाज को आहत करता है। ऐसे मामलों में कठोर सजा देकर ही अपराधियों को रोका जा सकता है। शासन की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेंद्र सिंह ठाकुर ने की। उनकी दृढ़ दलीलों और कानूनी तर्कों से आरोपी को कड़ी सजा दिलाने में सफलता मिली। यह फैसला समाज में न्याय की उम्मीद को मजबूत करता है।
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