{"_id":"633316087ab3683f3c387942","slug":"sehore-20-years-imprisonment-for-raping-minor-also-fined","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sehore: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा, अर्थदंड भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sehore: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा, अर्थदंड भी लगाया
Tue, 27 Sep 2022 08:56 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 27 Sep 2022 08:56 PM IST
सार
सीहोर कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। दोषी ने पांचवीं में पढ़ने वाली बच्ची से रेप किया था, बाद में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
विज्ञापन
दुष्कर्मी को 20 साल की सजा दी गई है।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
मध्य प्रदेश के सीहोर में नाबालिग से रेप करने वाले आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। उसे अलग-अलग धाराओं में 20 साल की सजा सुनाई गई है। आरोपी का डीएनए टेस्ट भी कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
सहायक मीडिया सेल प्रभारी कुमुद सिंह सेंगर ने बताया कि मामला करीब तीन साल पुराना है। पीड़ित नाबालिग की उम्र 16 साल है। घटना के वक्त वह पांचवीं में पढ़ती थी। उसके पड़ोस में रहने वाली एक सहेली के घर आरोपी नैतिक उर्फ मूलचंद कुशवाह ग्राम करलत पठार आता रहता था, तभी उसकी दोस्ती पीड़िता से भी हो गई।
सात नवंबर 2019 को आरोपी नैतिक का फोन पीड़िता की मौसी के नंबर पर आया था। पीड़िता ने बात की तो नैतिक ने उसे मिलने खाईखेड़ा बुलाया था। जब पीड़िता वहां पहुंची तो नैतिक उसे बाइक पर बैठाकर ग्राम अजमत नगर के जंगल में ले गया और दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने पीड़िता को सहेली के घर छोड़ दिया। दो दिन बाद पीड़िता ने आपबीती मां और नानी को बताई। तब परिजनों ने पुलिस में शिकायत की थी।
विज्ञापन
शासन की ओर से पैरवी करने वाले केदार सिंह कौरव, विशेष लोक अभियोजक(पॉक्सो) सीहोर द्वारा न्यायालय के समक्ष दिए गए तर्कों से सहमत होकर विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो) अशोक भारद्वाज ने फैसला सुनाया। फैसले में नैतिक उर्फ मूलचंद कुशवाह पिता देवीसिंह कुशवाह, उम्र-21 निवासी-करलत पठार, थाना अहमदपुर जिला सीहोर को अलग-अलग धाराओं में 20 साल की सजा सुनाई गई। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
विज्ञापन
सहायक मीडिया सेल प्रभारी कुमुद सिंह सेंगर ने बताया कि मामला करीब तीन साल पुराना है। पीड़ित नाबालिग की उम्र 16 साल है। घटना के वक्त वह पांचवीं में पढ़ती थी। उसके पड़ोस में रहने वाली एक सहेली के घर आरोपी नैतिक उर्फ मूलचंद कुशवाह ग्राम करलत पठार आता रहता था, तभी उसकी दोस्ती पीड़िता से भी हो गई।
विज्ञापन
सात नवंबर 2019 को आरोपी नैतिक का फोन पीड़िता की मौसी के नंबर पर आया था। पीड़िता ने बात की तो नैतिक ने उसे मिलने खाईखेड़ा बुलाया था। जब पीड़िता वहां पहुंची तो नैतिक उसे बाइक पर बैठाकर ग्राम अजमत नगर के जंगल में ले गया और दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने पीड़िता को सहेली के घर छोड़ दिया। दो दिन बाद पीड़िता ने आपबीती मां और नानी को बताई। तब परिजनों ने पुलिस में शिकायत की थी।
विज्ञापन
शासन की ओर से पैरवी करने वाले केदार सिंह कौरव, विशेष लोक अभियोजक(पॉक्सो) सीहोर द्वारा न्यायालय के समक्ष दिए गए तर्कों से सहमत होकर विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो) अशोक भारद्वाज ने फैसला सुनाया। फैसले में नैतिक उर्फ मूलचंद कुशवाह पिता देवीसिंह कुशवाह, उम्र-21 निवासी-करलत पठार, थाना अहमदपुर जिला सीहोर को अलग-अलग धाराओं में 20 साल की सजा सुनाई गई। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
