MP News: राहुल गांधी को गुल्लक देने वाले कारोबारी ने पत्नी के साथ की आत्महत्या, आठ दिन पहले ED ने मारा था छापा
MP Sehore Suicide Case: मध्य प्रदेश के सीहोर के आष्टा में कारोबारी परमार और उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड को लेकर परिजनों ने ईडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस पार्टी भी इस मामले को लेकर हमलावर हो गई है। यह वही कारोबारी है जिन्होंने राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी।
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MP Sehore Suicide Case: सीहोर जिले के आष्टा के कारोबारी मनोज परमार और उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली। आज शुक्रवार सुबह घर में ही दोनों का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। 5 दिसंबर को कारोबारी परमार के घर और दफ्तर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापामार कार्रवाई की थी। इसके बाद से वे परेशान थे। उनके घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। परिजनों ने ईडी के छापे को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह वही परमार हैं, जिन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी। परमार की आत्महत्या की सूचना मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, आष्टा के शांतिनगर में रहने वाले कारोबारी मनोज परमार (39) और उनकी पत्नी नेहा परमार (35) के शव शुक्रवार को उनके घर में फांसी के फंदे पर लटकते हुए मिले। जानकारी लगते ही घर और आसपड़ोस में कोहराम मच गया। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में उनके घर के चारों ओर भीड़ जमा हो गई।
पांच दिसंबर को ईडी ने मारा था छापा
बता दें कि 5 दिसंबर को ईडी की टीम ने परमार के इंदौर और सीहोर स्थित चार ठिकानों पर छापा मारा था। यहां से कई चल-अचल और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए थे। साथ ही साढ़े तीन लाख रुपये का बैंक बैलेंस भी फ्रीज कर दिया था। हालांकि, अभी तक यह खुलासा नहीं किया गया है कि कौन-कौन सी चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं और उनकी कीमत क्या है? ईडी के भोपाल जोनल कार्यालय के अनुसार, कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 (पीएमएलए) के तहत की गई थी। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक में 6 करोड़ के फॉड से जुड़ा है, जिसमें परमार की गिरफ्तारी भी की गई थी।
परिजनों ने ईडी पर लगाए प्रताड़ित करने के आरोप
पुलिस को मनोज परमार के घर से सुसाइड नोट भी मिला है, लेकिन अभी यह पता नहीं लग सका है कि उसमें क्या लिखा है। परिजनों का कहना है कि ईडी की कार्रवाई के बाद से मनोज परमार का परिवार काफी परेशान था। मनोज के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे जतिन ने कहना है कि ईडी वालों ने मानसिक तौर पर दबाव बनाया था, इस कारण माता-पिता ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। वहीं, मनोज के भाई राजेश परमार ने कहा कि वह ईडी के दबाव के कारण परेशान हो चुका था।
सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मौके पर पहुंचे
मनोज परमार और उनकी पत्नी के सुसाइड करने की सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी आष्टा के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे हैं। जहां, वे अधिकारियों और परिजनों से मामले की जानकारी ले रहे हैं। मामले को जीतू पटवारी और कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर ईडी पर गंभी आरोप लगाया है।
दिग्विजय बोले- ED परेशान कर रही थी
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक्स कर लिखा- आष्टा सिहोर जिला मप्र के मनोज परमार को बिना कारण ED द्वारा परेशान किया जा रहा था। मनोज परमार के बच्चों ने राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा के समय गुल्लक भेंट की थी। मनोज के घर पर ED के Astt Director भोपाल संजीत कुमार साहू द्वारा रेड की गई थी। मनोज के अनुसार उस पर रेड इसलिए डाली गई क्योंकि वह @INCIndia का समर्थक है। मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी। लेकिन, बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि उसने और उसकी पत्नी ने आत्म हत्या कर ली। मैं इस प्रकरण में Director ED से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं।
भाजपा की नजर में थे परमार
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश परमार का कहना है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में मनोज परमार के बेटे ने गुल्लक टीम बनाकर मदद की थी, तभी से वे भारतीय जनता पार्टी की नजर में थे। कुछ दिन पहले ईडी की रेड डलवाकर मनोज के परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
छह पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें ईडी अफसर ने कहा था, बच्चों को भाजपा में ज्वॉइन करा, नहीं तो इतनी धाराएं जोड़ेंगे की राहुल भी बचा नहीं पाएगा। खुदकुशी करने से पहले व्यापारी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, संसद में नेता प्रतिपक्ष सहित 17 लोगों के नाम छह पेज का सुसाइड नोट छोड़ गया है। इसमें सात बिंदुओं में उसने पूरा घटनाक्रम लिखा है, जिसकी वजह से उसे खुदकुशी करने पर मजबूर होना पड़ा। सुसाइड नोट में जांच एजेंसी के अधिकारी द्वारा दबाव बनाकर भाजपा में शामिल होने की बात लिखी गई है। पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट में इस तरह से आरोप लगाये हैं।
- 5 दिसंबर को ईडी ने सुबह 5 बजे रेड मारी। मेरे घर पर कागज का एक टुकड़ा नहीं छोड़ा। दूसरे के 10 लाख रुपये, ज्वेलरी और ओरिजनल दस्तावेज लेकर गए।
- ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीत कुमार साहू ने गाली-गलौज की और मारपीट की। भगवान शिव की मूर्ति को खंडित किया। कहा, भाजपा में होते तो तुम पर केस नहीं होता।
- ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीत कुमार साहू ने मेरे कंधे पर पैर रखा। कहा, अपने बच्चों को भाजपा जॉइन करवा दे। राहुल गांधी के खिलाफ वीडियो बनवा दे।
- बिना बयान लिए, खुद से बयान लिख लिए। मेरे हस्ताक्षर भी करवा लिए। घर से मोबाइल फोन और पेपर ले गए।
- अफसर बार-बार बोलते रहे। इतनी धाराएं जोडूंगा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नहीं हटा पाएगा। इसलिए मामला सेटल करो और फ्री हो जाओ।
- मैंने परिवार के बारे में कहा कि सब लोग बेकसूर हैं। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी।
- राहुल गांधी जी से निवेदन है कि मेरे जाने के बाद बच्चों का ख्याल रखना। बच्चों को अकेला मत छोड़ना।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ये सरकारी हत्या
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी खबर मिलते ही आष्टा के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे हैं। वे अधिकारियों और परिजन से मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ईडी से परेशान हो मनोज ने पत्नी समेत आत्महत्या की। मनोज की मौत के लिए भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र और ईडी जिम्मेदार हैं। यह एक सरकारी हत्या है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। इस मामले में एसडीओपी आकाश अमलकर का कहना है कि कारोबारी दंपती परमार ने अपने ही घर में सुसाइड किया है। उनके घर से टाइप किया हुआ आवेदन मिला है, जिसे जब्त कर लिया है। अभी मामले में पड़ताल चल रही है।
