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MP News: रावण दहन की अनोखी परंपरा, तीन दिन जलाया जाता है पुतला, हर दिन उमड़ता है जनसैलाब, जानें क्या है वजह
Tue, 30 Sep 2025 10:07 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, आष्टा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, आष्टा
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 10:07 PM IST
सार
आष्टा में रावण दहन का पर्व एक नहीं बल्कि तीन दिनों तक मनाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि तीनों दिन रावण दहन देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ पहुंचती है।
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फाइल फोटो
विस्तार
पूरे भारतवर्ष में दशहरा पर्व विजय दशमी के दिन ही मनाया जाता है लेकिन सीहोर जिले के आष्टा ब्लॉक में इसकी परंपरा सबसे अलग है। यहां रावण दहन का पर्व एक दिन नहीं बल्कि तीन दिन तक लगातार चलता है। विजय दशमी, एकादशी और द्वादशी, तीनों दिन अलग-अलग स्थानों पर दशानन रावण का पुतला दहन कर अहंकार पर सत्य की विजय का संदेश दिया जाता है।
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इस बार भी आष्टा शहर का मुख्य समारोह कन्नौद रोड स्थित नए दशहरा मैदान पर होगा। यहां 71 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया गया है। शाम होते ही भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा नगर के भावबाबा मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य मार्गों से होती हुई दशहरा मैदान पहुंचेगी। इसके बाद राम-रावण युद्ध का मंचन और रंगारंग आतिशबाजी के बीच रावण दहन किया जाएगा। समिति के आनंद गोस्वामी कहते हैं कि रावण दहन के लिए सभी तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
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परंपरा के पीछे की वजह
स्थानीय बुजुर्ग हरिकिशन शर्मा बताते हैं कि पहले के जमाने में लोगों के पास मनोरंजन के साधन बहुत सीमित थे। त्योहार ही उनके लिए आनंद का अवसर होते थे। इसी कारण से दशहरा तीन दिन तक मनाने की परंपरा शुरू हुई। पहले दिन आष्टा शहर में आयोजन होता है, ताकि आसपास के लोग भी शामिल हो सकें। अगले दिन खड़ी ग्राम और तीसरे दिन कजलास ग्राम में रावण दहन किया जाता है।
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आष्टा शहर, खड़ी ग्राम और कजलास के बीच की दूरी महज 10 से 12 किलोमीटर है। इससे लोग आसानी से तीनों स्थानों पर शामिल हो जाते हैं। यही वजह है कि तीन दिनों तक लगातार हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ती है। लोग परिवार सहित आते हैं, मेले का आनंद लेते हैं और भगवान राम की बारात के साथ रावण दहन देखकर प्रसन्न होते हैं।
राम की शोभायात्रा और रंगारंग आतिशबाजी
आष्टा शहर में शोभायात्रा का अपना अलग आकर्षण है। यह यात्रा भावबाबा मंदिर से प्रारंभ होकर बुधवारा, परदेसीपुरा, खत्री मार्केट, अस्पताल चौराहा, पुराना बस स्टैंड, सब्जी मंडी, बड़ा बाजार और सिकंदर बाजार से गुजरते हुए दशहरा मैदान तक जाती है। यात्रा में झांकियां, भक्तिमय गीत और नृत्य लोगों का मन मोह लेते हैं। वहीं आतिशबाजी से पूरा आकाश जगमगा उठता है।
प्रशासन ने किए कड़े इंतजाम
तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका ने विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान रखा गया है। हर बार की तरह इस बार भी तीन दिनों तक लगातार होने वाला रावण दहन लोगों की आस्था, उत्साह और परंपरा का अनूठा संगम बनेगा।
