Sehore: कुबेरेश्वर धाम में शिव महापुराण कथा व रुद्राक्ष महोत्सव, जानें विशेष व्यवस्थाएं और यातायात प्लान
25 फरवरी से कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव भी शुरू होगा। प्रशासन को आशंका है कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान 26 फरवरी को होने के कारण वहाँ से लौटते हुए श्रद्धालु इस महोत्सव में भी आ सकते हैं।
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सीहोर जिले के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में 25 फरवरी से 03 मार्च तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियाँ की हैं।
25 फरवरी से कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव भी शुरू होगा। प्रशासन को आशंका है कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान 26 फरवरी को होने के कारण वहाँ से लौटते हुए श्रद्धालु इस महोत्सव में भी आ सकते हैं। इससे इस बार अधिक भीड़ होने की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ की हैं।
भोपाल-इंदौर फोरलेन पर संभावित भीड़ और यातायात जाम से बचने के लिए 24 फरवरी सुबह 6 बजे से 4 मार्च सुबह 6 बजे तक वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तन किया गया है। भोपाल से इंदौर जाने वाले भारी वाहनों को श्यामपुर-ब्यावरा होते हुए इंदौर भेजा जाएगा। इसी तरह इंदौर से भोपाल आने वाले भारी वाहन देवास-ब्यावरा-श्यामपुर होते हुए भोपाल आ सकेंगे। इस नए मार्ग से यात्रियों को 80 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।
भोपाल से सीधे आष्टा, देवास, इंदौर जाने वाले हल्के वाहन एवं यात्री बसों को सीहोर के क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ एवं अमलाहा के रास्ते इंदौर भेजा जाएगा। इसी तरह इंदौर से भोपाल की ओर आने वाले वाहन अमलाहा से भाऊखेड़ी जोड़ और क्रिसेंट चौराहा होते हुए सीहोर और फिर भोपाल जाएंगे। इस रूट में 9 किमी अतिरिक्त दूरी बढ़ेगी।
जो श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम जाना चाहते हैं, उनके निजी वाहनों को वहाँ जाने की अनुमति होगी। हालांकि, सभी वाहनों को निर्धारित स्थान पर पार्क किया जाएगा और भोपाल की ओर से आने वाले वाहन उसी मार्ग से वापस भेजे जाएंगे। फोरलेन को पूरी तरह से बैरिकेड्स लगाकर नियंत्रित किया जाएगा।
कलेक्टर बालागुरू के. ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश एवं निकास मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। बैठने की उचित व्यवस्था की जाएगी। एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, ताकि दूर से भी कथा देखी जा सके। होल्डिंग एरिया तैयार किया जाएगा, जहाँ श्रद्धालु आराम कर सकें।
वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। समतल भूमि तैयार की जाएगी। सड़क से पार्किंग तक स्लोप बनाया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही आसान हो। पार्किंग क्षेत्रों में पीए सिस्टम, रोशनी, टेंट, कुर्सियाँ और पेयजल की व्यवस्था होगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 500 बैरिकेड्स लगाए जाएंगे। मुख्य मार्गों पर पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए अलग-अलग कॉरिडोर बनाए जाएंगे। बीआरटीएस की तर्ज पर विशेष लेन तैयार की जाएगी, जिसे बैरिकेड्स और बल्लियों से अलग किया जाएगा।
कुबेरेश्वर धाम में शिव महापुराण कथा और रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और सेक्टर प्रणाली के जरिए इस आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें और यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
