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Sehore News: मां से आंख मिचौली कर रहा बच्चा 40 फीट गहरे कुएं में गिरा, फिर इस चमत्कार से जिंदा निकला बाहर
Tue, 13 May 2025 05:21 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 13 May 2025 05:21 PM IST
सार
Child Fell in Well: तीन साल के बच्चे के अचानक कुएं में गिर जाने से बच्चे की मां बेहाल हो गई। वह मदद की पुकार लगा रही थी। आवाज सुन ग्रामीण तत्काल मदद में जुट गए। एक व्यक्ति रस्सी की मदद से कुएं में नीचे उतरा और बच्चे को सकुशल निकाल लिया।
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कुएं में से बच्चे को बाहर निकालते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के इछावर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक तीन साल का बच्चा अपनी मां से आंख चुराकर पास ही के एक कुएं में गिर गया, लेकिन उसे जरा भी चोट नहीं आई। लोग इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर बच्चे को कुएं से ऊपर लाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
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जानकारी के अनुसार, मामला इछावर थाना क्षेत्र में आने वाले भाऊखेड़ी जोड़ का है। बताया जाता है कि एक महिला अपने तीन साल के बच्चे के साथ भाऊखेड़ी जोड़ पर उतरी थी। महिला सीहोर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान अपनी मां से आंख बचाकर अलग हुआ तीन साल का बच्चा पास में स्थित खुली मुंडेर के कुएं में जा गिरा। महिला ने अपने बच्चे को देखा तो उसके होश उड़ गए। महिला के रो-रोकर बुरे हाल थे, तभी आसपास के लोगों को कुएं में गिरने की आवाज आने पर झांककर देखा तो बच्चा कुएं में गिरा हुआ था।
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40 फीट गहरे कुएं में गिरने के बाद भी खरोंच तक नहीं आई
प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र वर्मा ने बताया कि महिला सीहोर जाने के लिए भाऊखेड़ी जोड़ पर खड़ी थी। महिला के साथ तीन साल के बच्चा अचानक कुएं में गिर जाने से महिला बेहाल हो गई। वह मासूम को लेकर लगातार मदद की पुकार लगा रही थी। महिला की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने यह देखा और उसे बचाने की कोशिश में जुट गए। एक व्यक्ति रस्सी की मदद से नीचे उतरा और बच्चे को सकुशल निकाल लिया।
हैरानी की बात यह है कि मासूम को जरा भी चोट नहीं आई, जिसके बाद हर कोर इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा है। ग्रामीणों की माने तो ग्राम पंचायत भाऊखेड़ी को कई बार बिना मुंडेर के कुएं की बाउंड्री बनाने आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं हो सकी है। इसके कारण बिना मुंडेर का कुआ हमेशा खतरा बना रहता है, लेकिन ग्राम पंचायत कुएं की बाउंड्री नहीं बनवा रही है।
15 दिनों में बिना मुंडेर के कुएं के कारण तीन लोगों की हो गई मौत
बिना मुंडेर के कुएं जिले में खतरा बना हुए हैं। बिना मुंडेर के कुएं में गिरने की यह तीसरी घटना है, जिसमें तीन साल के मासूम को बचा लिया गया, लेकिन इसके पहले हुई दो घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक सात साल का मासूम भी शामिल है। पहली घटना 30 अप्रैल और एक मई की दरमियानी रात को हुई थी। जब ग्राम फूलमोगरा रोड स्थित एक कुएं में रात के अंधेरे में बाइक सवार दो युवक एक कुएं की मुंडेर से टकराकर सीधे कुएं में जा गिरे थे।
हादसे की जानकारी एक मई की सुबह लगी थी। तब तक दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी। हादसे में हनीफ खां पिता हफीज (35) निवासी फूलमोगरा एवं सिराज पिता बाबू खां (34) निवासी फूलमोगरा की मौत हो गई थी। दोनों मृतक रात के समय मजदूरी करने के बाद बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी तरह दूसरा मामला 11 मई का है।
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सिद्दिकगंज हाटपिपलिया मार्ग स्थित टीपूपुरा गांव में रविवार को खेत पर बने कुएं में डूबने से आठ वर्षीय बालक अभिषेक पिता अर्जुन बंजारा की मौत हो गई थी, जिस कुएं में बच्चा डूबा उसकी मुंडेर तो थी, लेकिन दो जगह से टूटी हुई थी। बच्चे आपस में मछली पकडऩे का खेल खेल रहे थे। उस समय मां कुछ ही दूरी पर खेत में पत्थर बीन रही थी। दूसरे बच्चों ने इसकी सूचना उसकी मां को दी, लेकिन वह अपने बच्चे को कुएं से नहीं निकाल सकी। जब तक गांव के लोग आते, बच्चे की मौत हो चुकी थी।
