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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News ›   Doctor raped a common woman while getting treatment, court sentenced her to spend the rest of her life in jail

Sehore: इलाज कराने आम महिला के साथ डॉक्टर ने किया दुष्कर्म, कोर्ट ने दी शेष जीवन जेल में काटने की सजा

Wed, 29 Nov 2023 11:05 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 29 Nov 2023 11:05 PM IST
सार

दुष्कर्म के एक मामले में डॉक्टर को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही उस पर 12 हजार रुपये अर्थदंड लगा है। डॉक्टर ने इलाज कराने आई महिला के साथ क्लीनिक में दुष्कर्म किया था। 

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Doctor raped a common woman while getting treatment, court sentenced her to spend the rest of her life in jail
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाज कराने के लिए क्लीनिक आई एक महिला की डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाने के बहाने इज्जत लूट ली और उसे गर्भवती कर दिया। महिला के गर्भवती होने पर मामला सामने आया। कोर्ट ने डॉक्टर द्वारा धमकी देकर महिला के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला पाया। कोर्ट ने सजा सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास (जो शेष प्राकृत जीवन काल के लिए अभिप्रेत होगा) एवं 12000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
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विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह जिला सीहोर ने आरोपी डॉ. वीरेन्द्र गौर पिता गोविन्द निवासी पुरानी बस्ती शाहगांज जिला सीहोर को  बाहर हजार के अर्थदंड व आजीवन कारावास की सजा दी है। मीडिया सेल प्रभारी केदार सिंह कौरव ने बताया कि घटना 18 नवंबर 21 के सुबह लगभग 11:30 की है। पीड़िता अपने भाई नरेश के साथ दाद का इलाज के लिए डॉ वीरेन्द्र गौर की क्लीनिक शाहगंज गई थी। मेरा भाई नरेश मुझे वहीं छोड़कर सोसाइटी की काम से चला गया था। इलाज के नाम पर डॉक्टर ने कोई इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद मैं पूरे होश में नहीं थी।
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इस दौरान डॉ. वीरेन्द्र गौर से मेरे कपड़े उतारकर मेरे साथ जबरजस्ती गलत काम किया। मेरे मना करने पर डॉ. गौर ने कहा कि यह बात अपने घरवालों को बताई तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा। इतने में मेरा भाई नरेश वहां पर आया और उसको मेडिकल पर दवाई लेने के लिए भेज दिया। बाद में मैं घर चली गई। इसके कुछ दिनों बाद मैं गर्भवती हो गई। इसके बाद घरवालों को यह बात पता चली। घरवालों के साथ आकर आरोपी पर केस दर्ज कराया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाया और उक्त सजा से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर पैरवी विशेष लोक अभियोजक एनएस मेवाडा द्वारा की गई।
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