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सीहोर: शरबती गेहूं की कीमत ने तोड़ा 54 साल का रिकॉर्ड, पहली बार 5675 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिका
Thu, 24 Mar 2022 02:41 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 24 Mar 2022 02:41 PM IST
सार
सीहोर जिले के आष्टा कृषि उपज मंडी में शरबती गेहूं की कीमत ने बीते 54 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां एक किसान का शरबती गेहूं व्यापारी ने 5675 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा है।
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सीहोर में शरबती गेंहू की कीमत ने तोड़ा 54 साल का रिकॉर्ड।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सीहोर जिले के आष्टा कृषि उपज मंडी के 54 साल के इतिहास में पहली बार शरबती गेहूं 5675 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिका है। इछावर तहसील के दिवड़िया निवासी किसान देवकरण सिंह इस उपज को मंडी में बेचने के लिए आया था। गेहूं की क्वालिटी अच्छी होने की वजह से इसे खरीदने के लिए व्यापारियों में एक अलग उत्साह देखने को मिला। जानकारी के अनुसार देवकरण सिंह के शरबती गेहूं की उपज को श्रीनाथ ट्रेडर्स ने खरीदा है। आष्टा मंडी सचिव राजेश साकेत ने बताया कि आष्टा मंडी की स्थापना साल 1968 में हुई थी, तब से अब तक इतने ज्यादा भाव में आज तक शरबती गेहूं नहीं बिका है। पांच हजार के आसपास जरूर शरबती गेहूं बिका है।
पांच दिवसीय होली पर्व समाप्त होने के बाद बुधवार से आष्टा कृषि उपज मंडी में खरीदी फिर से शुरू हो गई है, जिसके चलते मंडी में अच्छी आवक दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि आगामी दिनों में पहले की तरह आवक 30 हजार क्विंटल से भी अधिक पार करेगी। बता दें आष्टा कृषि उपज मंडी में तीन जिले सीहोर, शाजापुर, देवास के किसान अपनी उपज बेचने के लिए आते हैं। इससे रबी और खरीफ सीजन के अलावा आम दिनों में भी अच्छी आवक देखने को मिलती है।
देश भर में गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है सीहोर का गेहूं
सीहोर में बड़ी मात्रा में शरबती गेहूं की खेती की जाती है। जिले में करीब 40390 हेक्टेयर क्षेत्र में इसे बोया जाता है और वार्षिक उत्पादन लगभग 109053 एमटन है। सीहोर जिले में उगने वाला शरबती गेहूं अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में काली और जलोढ़ उपजाऊ मिट्टी है जो शरबती गेहूं के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। शरबती गेहू को इसके भूरे रंग के चलते द गोल्डन ग्रेन भी कहा जाता है। यह हथेली पर भारी लगता है और इसका स्वाद मीठा होता है। शरबती किस्म का गेहूं टेस्ट में थोड़ा मीठा होता है।
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तेजी से हो रही फसलों की कटाई
सीहोर जिले में रबी फसल कटाई कार्य 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है। जिन किसानों ने फसल कटाई कर ली वह अब थ्रेसिंग करने में जुटे हुए हैं। वहीं, कई किसान फसल कटाई कर रहे हैं। इसके लिए मजदूरों और हार्वेस्टर मशीन का भी सहारा लिया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक रबी फसल की कटाई और थ्रेसिंग का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।
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पांच दिवसीय होली पर्व समाप्त होने के बाद बुधवार से आष्टा कृषि उपज मंडी में खरीदी फिर से शुरू हो गई है, जिसके चलते मंडी में अच्छी आवक दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि आगामी दिनों में पहले की तरह आवक 30 हजार क्विंटल से भी अधिक पार करेगी। बता दें आष्टा कृषि उपज मंडी में तीन जिले सीहोर, शाजापुर, देवास के किसान अपनी उपज बेचने के लिए आते हैं। इससे रबी और खरीफ सीजन के अलावा आम दिनों में भी अच्छी आवक देखने को मिलती है।
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देश भर में गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है सीहोर का गेहूं
सीहोर में बड़ी मात्रा में शरबती गेहूं की खेती की जाती है। जिले में करीब 40390 हेक्टेयर क्षेत्र में इसे बोया जाता है और वार्षिक उत्पादन लगभग 109053 एमटन है। सीहोर जिले में उगने वाला शरबती गेहूं अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में काली और जलोढ़ उपजाऊ मिट्टी है जो शरबती गेहूं के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। शरबती गेहू को इसके भूरे रंग के चलते द गोल्डन ग्रेन भी कहा जाता है। यह हथेली पर भारी लगता है और इसका स्वाद मीठा होता है। शरबती किस्म का गेहूं टेस्ट में थोड़ा मीठा होता है।
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तेजी से हो रही फसलों की कटाई
सीहोर जिले में रबी फसल कटाई कार्य 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है। जिन किसानों ने फसल कटाई कर ली वह अब थ्रेसिंग करने में जुटे हुए हैं। वहीं, कई किसान फसल कटाई कर रहे हैं। इसके लिए मजदूरों और हार्वेस्टर मशीन का भी सहारा लिया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक रबी फसल की कटाई और थ्रेसिंग का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।
