{"_id":"61bf206d9d2ebb00397d5e21","slug":"sehore-scientists-officials-of-odisha-and-uttar-pradesh-told-the-pulse-crops-of-sehore-to-be-better","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीहोर: ओडिशा एवं उत्तरप्रदेश के वैज्ञानिकों, अधिकारियों ने सीहोर की दलहन फसलों को बेहतर बताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीहोर: ओडिशा एवं उत्तरप्रदेश के वैज्ञानिकों, अधिकारियों ने सीहोर की दलहन फसलों को बेहतर बताया
Sun, 19 Dec 2021 05:37 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 19 Dec 2021 05:37 PM IST
सार
जिले में दलहन वृद्धि के निरीक्षण के लिए दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर के वैज्ञानिक एवं ओडिशा के अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया और फसलों का अवलोकन किया। भमण दल द्वारा जिले में फसल स्थिति को बेहतर बताया।
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले में दलहन के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में गत वर्षों से निरंतर वृद्धि हो रही है। जिले में दलहन वृद्धि के निरीक्षण के लिए दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर के वैज्ञानिक एवं ओडिशा के अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया और फसलों का अवलोकन किया। भमण दल द्वारा जिले में फसल स्थिति को बेहतर बताया। भ्रमण के दौरान उप संचालक कृषि एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी दल के साथ रहे।
दलहन अनुसंधान संस्थान के दल ने ग्राम महोड़िया में कृषक के चना किस्म आरबीजी-202 एवं विक्रम फूले फसल का अवलोकन किया। चितावलिया हेमा के कृषकों के चना, मसूर, अरहर फसल तथा ग्राम कुलासकलां के कृषक की जैविक फार्म में हल्दी, गेहूं, फल उद्यान, सब्जी एवं देसी कोल्हू विधि इकाई का निरीक्षण किया। दल ने इकार्डा में मसूर, चना, तिवड़ा, रामबटली, कठिया गेहूं, जौं की नवीन किस्मों का अवलोकन भी किया। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर के संचालक डॉ. शिव सेवक, प्रमुख वैज्ञानिक, क्वाट उड़ीसा डॉ. निरंजन सेनापति, दलहन एवं तिलहन के संयुक्त संचालक श्रीधर कुमार दास, दलहन बीज हब के नोडल अधिकारी डॉ. पीके कटियार सहित इकार्डा अमलाहा के डॉ. निग्मानंद, डॉ. रीना मेहरा, डॉ. सुरेन्द्र बारपेटे तथा ओडिशा के जानकी वल्लभ महापात्रा, डॉ. अजोर कुमारकर उपस्थित थे।
विज्ञापन
दलहन अनुसंधान संस्थान के दल ने ग्राम महोड़िया में कृषक के चना किस्म आरबीजी-202 एवं विक्रम फूले फसल का अवलोकन किया। चितावलिया हेमा के कृषकों के चना, मसूर, अरहर फसल तथा ग्राम कुलासकलां के कृषक की जैविक फार्म में हल्दी, गेहूं, फल उद्यान, सब्जी एवं देसी कोल्हू विधि इकाई का निरीक्षण किया। दल ने इकार्डा में मसूर, चना, तिवड़ा, रामबटली, कठिया गेहूं, जौं की नवीन किस्मों का अवलोकन भी किया। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर के संचालक डॉ. शिव सेवक, प्रमुख वैज्ञानिक, क्वाट उड़ीसा डॉ. निरंजन सेनापति, दलहन एवं तिलहन के संयुक्त संचालक श्रीधर कुमार दास, दलहन बीज हब के नोडल अधिकारी डॉ. पीके कटियार सहित इकार्डा अमलाहा के डॉ. निग्मानंद, डॉ. रीना मेहरा, डॉ. सुरेन्द्र बारपेटे तथा ओडिशा के जानकी वल्लभ महापात्रा, डॉ. अजोर कुमारकर उपस्थित थे।
विज्ञापन
