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सीहोर: 10 साल की नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को दोहरा आजीवन कारावास, ढाई महीने में आया फैसला
Fri, 01 Apr 2022 02:33 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 01 Apr 2022 02:33 PM IST
सार
नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोहरे आजीवन काल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोषी को 11 हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया गया है।
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ढाई महीने में फैसला आया है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर कोर्ट ने 10 साल की नाबालिग बालिका को हवस का शिकार बनाकर जान से मारने की नीयत से 40 फीट कुंए में फेंकने वाले आरोपी को दोहरे आजीवन काल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोषी को 11 हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया गया है।
मामले में जानकारी देते हुए जिला न्यायालय के एडीपीओ केदार कौरव ने बताया कि जिले के इछावर थाना अंतर्गत 14 जनवरी 2022 को घटना घटित हुई थी। ग्राम दुदलई का आरोपी रमेश चंद्र मोगिया पिता रामसिंह मोगिया (30) बालिका को खेत में तीतर दिखाने के बहाने ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसके बाद बालिका को जान से मारने की नीयत से इसलिए फैंक दिया कि वह घटना अपने परिजनों को ना बता पाए। इस मामले को फास्ट ट्रैक में चलाते हुए लगभग ढाई महीने में फैसला आया है। जिसमें आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा और 11 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय ने की यह विशेष टिप्पणी
न्यायालय ने निर्णय में अभियुक्त को दोषसिध्द करते हुए विशेष टिप्पणी की है कि, दोषी पीड़िता के भले ही दूर का रिश्तेदार था, पर उसका नैतिक, सामाजिक, धार्मिक कर्तव्य भी था कि वह पीड़िता की धर्म, मर्यादा, संस्कार और नैतिकता के साथ ठीक उसी प्रकार देखभाल करे, जैसे वह उसकी सगी पुत्री हो। यह स्थिति और अधिक भयावक एवं शर्मनाक हो जाती है जब दोषी एक 10 वर्षीय अबोध बालिका की अस्मत के साथ खिलवाड़ करे और बलात्संग जैसे अपराध को उस वक्त कारित करे। जब उसकी उम्र अपने भाई बहन और दोस्तों के साथ खेलने की हो। इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा घटना का संज्ञान लिया गया ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए अविलंब जांच कर शीघ्र विचारण कराए जाने हेतु सक्षम अधिकारियों को निर्देश किया गया था।
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मामले में जानकारी देते हुए जिला न्यायालय के एडीपीओ केदार कौरव ने बताया कि जिले के इछावर थाना अंतर्गत 14 जनवरी 2022 को घटना घटित हुई थी। ग्राम दुदलई का आरोपी रमेश चंद्र मोगिया पिता रामसिंह मोगिया (30) बालिका को खेत में तीतर दिखाने के बहाने ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसके बाद बालिका को जान से मारने की नीयत से इसलिए फैंक दिया कि वह घटना अपने परिजनों को ना बता पाए। इस मामले को फास्ट ट्रैक में चलाते हुए लगभग ढाई महीने में फैसला आया है। जिसमें आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा और 11 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
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न्यायालय ने की यह विशेष टिप्पणी
न्यायालय ने निर्णय में अभियुक्त को दोषसिध्द करते हुए विशेष टिप्पणी की है कि, दोषी पीड़िता के भले ही दूर का रिश्तेदार था, पर उसका नैतिक, सामाजिक, धार्मिक कर्तव्य भी था कि वह पीड़िता की धर्म, मर्यादा, संस्कार और नैतिकता के साथ ठीक उसी प्रकार देखभाल करे, जैसे वह उसकी सगी पुत्री हो। यह स्थिति और अधिक भयावक एवं शर्मनाक हो जाती है जब दोषी एक 10 वर्षीय अबोध बालिका की अस्मत के साथ खिलवाड़ करे और बलात्संग जैसे अपराध को उस वक्त कारित करे। जब उसकी उम्र अपने भाई बहन और दोस्तों के साथ खेलने की हो। इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा घटना का संज्ञान लिया गया ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए अविलंब जांच कर शीघ्र विचारण कराए जाने हेतु सक्षम अधिकारियों को निर्देश किया गया था।
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