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सीहोर: हनुमान मंदिर के बाबा प्रेमदास की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा, दो साल पहले नाले में मिली थी पुजारी की लाश
Tue, 01 Feb 2022 12:10 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 01 Feb 2022 12:10 PM IST
सार
बुदनी के जोशीपुरा में स्थापित हनुमान मंदिर में पुजारी बाबा प्रेमदास की हत्या करने वाले दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 29 अगस्त 2019 को पुजारी की लाश मंदिर के पास बने एक नाले में मिली थी।
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पुजारी की हत्या करने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर जिले के बुदनी के जोशीपुरा में हनुमान मंदिर के बाबा प्रेमदास की हत्या के प्रकरण में न्यायालय ने दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मंदिर के पुजारी की हत्या के प्रकरण को शासन ने सनसनीखेज एवं जघन्य हत्या का अपराध होने से जघन्य अपराधों की सूची में चिन्हित किया गया था।
सत्र न्यायाधीश बुदनी मनीष लोवंशी ने ग्राम जोशीपुर हनुमान मंदिर के बाबा प्रेमदास की हत्या के आरोप में ब्रजेन्द्र सिंह अर्गल पिता गंगाराम अर्गल को हत्या का दोषी पाते हुए धारा 302 भादवि के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास और दो हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा तथा धारा 201 भादवि के अपराध में 3 वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार 28 अगस्त 2019 को फरियादी बसंत सिंह राजपूत ग्राम जोशीपुर में स्थित हनुमान मंदिर दर्शन के लिए गया था, जहां बाबा प्रेमदास जो कि हनुमान मंदिर में बने मंदिर में रहते थे, नहीं मिले। खोजनबीन के बाद भी बाबा का कुछ पता नहीं लगने पर बुदनी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। 29 अगस्त 2019 को जब बाबा की तलाश कर रहे थे, तब मंदिर के नीचे नर्मदा नदी में नाले के पास पानी में किनारे पर बाबा का शव मिला। बाबा के गर्दन के पास कान के नीचे दाहिनी और काटने के निशान मिले। घटना की सूचना थाना बुदनी को दी गई। जांच करने पर बाबा प्रेमदास के साथ मंदिर पर रहने वाले आरोपी ब्रजेन्द्र अर्गल से पूछताछ की गई और पूछताछ करने पर आरोपी ने बाबा प्रेमदास की हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी ने मंदिर पर अकेले ही पुजारी बने रहने के लालच में उनकी हत्या कर दी थी। आरोपी के पास से बाबा की हत्या में उपयोग की गई कुल्हाड़ी जब्त की गई।
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बुदनी पुलिस द्वारा विवेचना कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सत्र न्यायाधीश मनीष लोवंशी ने प्रकरण में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ब्रजेन्द्र सिंह अर्गल को हनुमान मंदिर जोशीपुर के बाबा प्रेमदास की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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सत्र न्यायाधीश बुदनी मनीष लोवंशी ने ग्राम जोशीपुर हनुमान मंदिर के बाबा प्रेमदास की हत्या के आरोप में ब्रजेन्द्र सिंह अर्गल पिता गंगाराम अर्गल को हत्या का दोषी पाते हुए धारा 302 भादवि के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास और दो हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा तथा धारा 201 भादवि के अपराध में 3 वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
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पीड़ित पक्ष के अनुसार 28 अगस्त 2019 को फरियादी बसंत सिंह राजपूत ग्राम जोशीपुर में स्थित हनुमान मंदिर दर्शन के लिए गया था, जहां बाबा प्रेमदास जो कि हनुमान मंदिर में बने मंदिर में रहते थे, नहीं मिले। खोजनबीन के बाद भी बाबा का कुछ पता नहीं लगने पर बुदनी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। 29 अगस्त 2019 को जब बाबा की तलाश कर रहे थे, तब मंदिर के नीचे नर्मदा नदी में नाले के पास पानी में किनारे पर बाबा का शव मिला। बाबा के गर्दन के पास कान के नीचे दाहिनी और काटने के निशान मिले। घटना की सूचना थाना बुदनी को दी गई। जांच करने पर बाबा प्रेमदास के साथ मंदिर पर रहने वाले आरोपी ब्रजेन्द्र अर्गल से पूछताछ की गई और पूछताछ करने पर आरोपी ने बाबा प्रेमदास की हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी ने मंदिर पर अकेले ही पुजारी बने रहने के लालच में उनकी हत्या कर दी थी। आरोपी के पास से बाबा की हत्या में उपयोग की गई कुल्हाड़ी जब्त की गई।
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बुदनी पुलिस द्वारा विवेचना कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सत्र न्यायाधीश मनीष लोवंशी ने प्रकरण में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ब्रजेन्द्र सिंह अर्गल को हनुमान मंदिर जोशीपुर के बाबा प्रेमदास की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
