फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   sajjan singh verma got angrey at rahul's decision on digvijay

दिग्गी पर राहुल के फैसले से सांसद खफा

Wed, 29 Jan 2014 12:39 PM IST
जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला भोपाल
जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला भोपाल Updated Wed, 29 Jan 2014 12:39 PM IST
विज्ञापन
sajjan singh verma got angrey at rahul's decision on digvijay

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह के राज्यसभा चुनाव का नामांकन भरने से प्रदेश कांग्रेस में बवाल पैदा हो गया है।

विज्ञापन


जहां दिग्विजय समर्थक इसे कांग्रेस में अपने नेता का कद बढ़ने और उन्हें राष्ट्रीय भूमिका दिए जाने का संकेत बता रहे हैं, वहीं उनके विरोधी या तो मायूस हो गए हैं या उन्होंने हमला बोल दिया है।

सांसद सज्जन सिंह वर्मा ने दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना निशाना साधा है कि जिन्होंने कांग्रेस को डुबोया उन्हें राज्यसभा की उम्मीदवारी दी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री कमलनाथ के समर्थक माने जाने वाले सज्जन वर्मा ने खुलकर कहा है कि जब राहुल गांधी नौजवानों की बात करते हैं और युवाओं को आगे लाना चाहते हैं तो राज्यसभा में युवाओं को मौका देना चाहिए था।
विज्ञापन


वर्मा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव या राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा को मौका दिया जाता या अनुसूचित जाति-जनजाति के किसी संभावनाशील व्यक्ति को मौका देते।
विज्ञापन
विज्ञापन


अल्पसंख्यक नेता को मौका दिया जाता तो अच्छा होता। सज्जन वर्मा ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस में फैसले किए जा रहे हैं, उससे कोई फायदा नहीं होने वाला है।

वर्मा ने इस मामले में मधुसूदन मिस्त्री और मोतीलाल वोरा को भी नहीं बख्शा। उनका नाम लेते हुए वर्मा ने कहा कि जिनके राज्यों में हार का सामना करना पड़ा, उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है। मधुसूदन मिस्त्री गुजरात से जुड़े हैं, पहले कांग्रेस वहां हारी, फिर वे मध्य प्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष थे यहां भी कांग्रेस हारी। वोरा जी छत्तीसगढ़ से जुड़े थे, वहां भी कांग्रेस हारी।

दिग्विजय ने किया बचाव
दिग्विजय सिंह ने कहा कि 2003 के बाद से ही वे कहते रहे हैं कि मध्य प्रदेश की राजनीति से उन्हें दूर रखा जाए, उनकी उसमें कोई भूमिका नहीं है, लेकिन होता यह है कि राज्य में जब भी कुछ होता है तो उन पर थोप दिया जाता है। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा है कि 65 साल से ऊपर के नेताओं को राज्यसभा जाना चाहिए।

सज्जन वर्मा के इस बयान के बाद दिग्विजय समर्थकों ने पलटकर सज्जन वर्मा पर हल्ला बोल दिया है। संगठन का प्रभार संभाल रहे रामेश्वर नीखरा ने सज्जन के बयान को अनुचित बताया है।

कांग्रेस नेताओं ने अब तक सज्जन वर्मा के बयान को अनदेखा ही किया है। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की लाइन यही रही है कि राज्यसभा है ही वरिष्ठ सदस्यों के लिए। उसमें वरिष्ठ और अनुभवी सदस्यों को ही भेजा जाना चाहिए।


यादव खेमा निराश

दिग्विजय सिंह के नामांकन दाखिल करते समय नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव उपस्थित जरूर थे, लेकिन उनके समर्थक इससे मायूस दिखाई दिए।

अपनी पहचान जाहिर नहीं करते हुए अरुण यादव समर्थकों का कहना है कि राज्यसभा की यह सीट अरुण यादव को मिलती तो पार्टी को लाभ होता। अरुण यादव को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संघर्ष करने में मदद मिलती। उन्हें कुछ बुनियादी सुविधाएं मिल जातीं और वे अपनी ऊर्जा पार्टी का संगठन खड़ा करने में लगाते।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed