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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sagar News ›   Sagar Spurious Alcohol Tragedy From Initial Complaints to 24 Fatalities How the Deadly Incident Unfolded

सागर में पहले अवैध शराब का कारोबार: फिर पुलिस की दबिश और 24 मौतें; जानें शिकायत से जान गंवाने तक का पूरा मामला

Tue, 08 Sep 2026 09:54 AM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Tue, 08 Sep 2026 09:54 AM IST
सार

सागर में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा 24 तक पहुंच गया है। पुलिस की कार्रवाई के डर से तस्करों द्वारा शराब की खेप खेतों में फेंकने और कई जगह मुफ्त में क्वार्टर बांटने की बात सामने आई है। गूगरा खुर्द और छापरी गांवों में सोमवार को 9 और लोगों की मौत हुई।

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Sagar Spurious Alcohol Tragedy From Initial Complaints to 24 Fatalities How the Deadly Incident Unfolded
सागर में जहरीली शराब का कहर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सागर जिले में जहरीली शराब का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां नकली शराब पीने से मरने वालों का आधिकारिक और गैर-आधिकारिक आंकड़ा बढ़कर 24 तक पहुंच गया है। हालात इस कदर भयावह हैं कि अस्पतालों के आईसीयू वार्ड पीड़ितों से भरे हुए हैं। महकमा अब जाकर हरकत में आया है, लेकिन तब तक कई परिवार उजड़ चुके हैं।
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तस्करों की घबराहट और मौत का मुफ्त वितरण
पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश से घबराए शराब तस्करों ने बची हुई खेप को ठिकाने लगाने के नायाब और खतरनाक तरीके अपनाए। डर के मारे किसी ने शराब की पेटियां खेतों में फेंक दीं, तो किसी ने औने-पौने दामों में बेच दीं। हद तो तब हो गई, जब कई जगहों पर तस्कर मुफ्त में क्वार्टर बांटकर फरार हो गए। यही मुफ्त और फेंकी हुई शराब जब ग्रामीणों के हाथ लगी, तो उसने काल का रूप ले लिया। सोमवार को गूगरा खुर्द और छापरी गांवों में 9 और लोगों की मौत ने सनसनी फैला दी। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में वर्तमान में 50 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 13 की हालत गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
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माफिया और खाकी का गठजोड़ उजागर
इस पूरे हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस-तस्कर गठजोड़ की परतें भी उधड़ने लगी हैं। बरायठा क्षेत्र के अदावन गांव निवासी ब्रजेश महाराज ने दो महीने पहले अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने पुलिस से लेकर एसपी तक को सीसीटीवी फुटेज सौंपे, जिसमें साफ दिख रहा था कि कैसे धड़ल्ले से शराब की पेटियां उतारी जा रही हैं। आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता पर ही झूठे मुकदमे लाद दिए गए। वहीं, जब प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, तब जाकर आबकारी विभाग की नींद टूटी।
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ततरवारा से संचालित हो रही थी अवैध फैक्टरी
जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य सरगना चंदू राजा और राघवेंद्र सिंह इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस अब तक 30 नामजद आरोपियों में से 14 को गिरफ्तार कर चुकी है। ड्रमों में खतरनाक केमिकल लाकर सागर के बंडा स्थित ततरवारा गांव में यह जहरीला जहर तैयार किया जाता था, जिसके तार मुरैना तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। सागर की यह त्रासदी इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि कैसे प्रशासनिक सुस्ती और भ्रष्टाचार आम आदमी की जिंदगी पर भारी पड़ते हैं।
 
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