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Sagar News: आचार संहिता के चलते नहीं हो सका रहस लोकोत्सव का आयोजन, आजीविका का साधन था मेला

Thu, 28 Mar 2024 08:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 28 Mar 2024 08:26 PM IST
सार

इस बार आचार संहिता के चलते रहस लोकोत्सव का आयोजन नहीं हो सका। दुकानदारों को आजीविका चलाने में मेला मददगार के साथ-साथ आय के माध्यम का जरिया बनता था।

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Sagar News Rahas Lokotsav could not be organized due to code of conduct
इसी रहस मैदान में मंच, टेंट और पंडाल लगाया जाता था - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सागर जिले के गढाकोटा में बसंत पंचमी से होली तक भरने वाले रहस मेला में रहस लोकोत्सव के आयोजन में शासन की विभिन्न प्रकार की योजनाओं का लाभ लोगों को दिया जाता था। इसके साथ रात्रि कालीन में लोगों के मनोरंजन के लिए लोक नृत्य राई भी होती है। लेकिन इस बार क्षेत्र के लोगों को मायूसी रही, क्योंकि मनोरंजन के साधनों के साथ-साथ बुंदेलखंड की प्रसिद्ध लोक नृत्य रहस मेला में मशहूर रहती थी।

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बता दें, यहां दूरदराज से आए हुए लोग राई नृत्य का आनंद लेते थे। मेला नहीं भरने से राई नृत्य का आयोजन भी नहीं हो सका। गौरतलब है कि दो सौ वर्ष पुराने रहस मेला को राजकीय मेला का दर्जा नहीं मिल सका। जो प्रदेश में भी अपनी अलग पहचान रखता है। साल 2003 से 2023 तक 20 साल यहां रहस लोकोत्सवों का आयोजन तत्कालीन कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक पंडित गोपाल भार्गव कराते आए हैं, जिसमें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को दिलाया जाता है।
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बसंत पंचमी से होली के मध्य यह आयोजन संपन्न किए जाते रहे हैं और क्षेत्र की प्रतिभाओं को एक मंच मिलता रहा। जहां वह अपनी हुनर कला से आगे बढ़ने हेतु मौका मिलता है। कई प्रतिभाओं को मंच आगे बढ़ाने की राह आसान बनाता है। छोटे-छोटे दुकानदारों को आजीविका चलाने में मेला मददगार के साथ-साथ आय के माध्यम का जरिया बना था। इस बार लोकसभा की आचार संहिता लगने से इस बार रहस लोकोत्सव आयोजित नहीं हो सका, जिससे क्षेत्रवासियों एवं खासकर ग्रामीणों में मायूसी के साथ साथ चर्चा रही।
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नगर में बेधड़क निकल रही ओवरलोड भूसे की ट्रॉलियां
इस समय भूसे से भारी ओवरलोड ट्रॉलियां निकल रही हैं। इन पर पुलिस की कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है और न ही कहीं चेकिंग की जा रही है।



पिछले दिनों एक ट्रैक्टर भूसे से भरा अनियंत्रित होकर सागर मार्ग पर टेड़िया मंदिर के सामने डिवाइडर में फंस गया था, जिसे जेसीबी की मदद से निकाल गया था। लोगों का कहना है कि भूसे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली निकलने के लिए एक समय तय किया जाए, जिससे अन्य वाहनों के साथ-साथ राहगीरों को आवागमन में असुविधा न हो।

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