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Sagar: सागर में बाल विवाह की कोशिश, एनमौके पर रोकी गई 15 साल की बालिका की शादी
Sun, 14 Jul 2024 11:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 14 Jul 2024 11:08 PM IST
सार
गौरझामर थाना क्षेत्र के बरकोटी कला गांव में एक प्राचीन मंदिर में 15 साल की नाबालिग बालिका की शादी की तैयारी की जा रही थी। प्रशासन ने एनमौके पर बाल विवाह रुकवाया।
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सागर में बाल विवाह नहीं करने की समझाइश देती टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बुंदेलखंड अंचल में कम उम्र में शादी कराने की कुरीति अब भी जारी है, लेकिन प्रशासन की सक्रियता से इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा रहा है। हाल ही में एक बार फिर प्रशासन ने एक बाल विवाह को सफलतापूर्वक रुकवा दिया।
बता दें कि गौरझामर थाना क्षेत्र के बरकोटी कला गांव में एक प्राचीन मंदिर में 15 साल की नाबालिग बालिका की शादी की तैयारी की जा रही थी। इस बालिका का जन्म 25 अक्टूबर 2009 को हुआ था और उसकी शादी बरकोटी निवासी एक युवक से की जा रही थी।
सूचना और कार्रवाई
महिला बाल विकास विभाग की देवरी टीम को चाइल्डलाइन और पुलिस की विशेष शाखा सागर द्वारा इस बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने पर महिला बाल विकास विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। टीम में परियोजना अधिकारी बगला नायक और पर्यवेक्षक सरस्वती पटेल शामिल थे, जिन्होंने विवाह स्थल पर पहुंचकर दोनों पक्षों को बाल विवाह के कानून और इसके गंभीर परिणामों के बारे में समझाया।
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समझाइश और रोकथाम
महिला बाल विकास की टीम ने दोनों पक्षों को बालिका के वयस्क होने के बाद ही विवाह करने की सलाह दी। इसके परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने इस पर सहमति जताई और शादी को तुरंत रोक दिया गया।
इसके साथ ही, पुलिस और चाइल्डलाइन ने इस कुरीति को रोकने के लिए स्थानीय लोगों से अपील की और भविष्य में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता बताई। इस घटना के दौरान पंचनामा बनाया गया और दोनों पक्षों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। महिला बाल विकास की टीम और ग्रामवासी इस पूरी प्रक्रिया में उपस्थित रहे और मामले को निपटाने में सहयोग किया।
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बता दें कि गौरझामर थाना क्षेत्र के बरकोटी कला गांव में एक प्राचीन मंदिर में 15 साल की नाबालिग बालिका की शादी की तैयारी की जा रही थी। इस बालिका का जन्म 25 अक्टूबर 2009 को हुआ था और उसकी शादी बरकोटी निवासी एक युवक से की जा रही थी।
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सूचना और कार्रवाई
महिला बाल विकास विभाग की देवरी टीम को चाइल्डलाइन और पुलिस की विशेष शाखा सागर द्वारा इस बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने पर महिला बाल विकास विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। टीम में परियोजना अधिकारी बगला नायक और पर्यवेक्षक सरस्वती पटेल शामिल थे, जिन्होंने विवाह स्थल पर पहुंचकर दोनों पक्षों को बाल विवाह के कानून और इसके गंभीर परिणामों के बारे में समझाया।
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समझाइश और रोकथाम
महिला बाल विकास की टीम ने दोनों पक्षों को बालिका के वयस्क होने के बाद ही विवाह करने की सलाह दी। इसके परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने इस पर सहमति जताई और शादी को तुरंत रोक दिया गया।
इसके साथ ही, पुलिस और चाइल्डलाइन ने इस कुरीति को रोकने के लिए स्थानीय लोगों से अपील की और भविष्य में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता बताई। इस घटना के दौरान पंचनामा बनाया गया और दोनों पक्षों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। महिला बाल विकास की टीम और ग्रामवासी इस पूरी प्रक्रिया में उपस्थित रहे और मामले को निपटाने में सहयोग किया।
