Sagar: देवरी विधायक की बेटी से मारपीट का आरोप, जनपद अध्यक्ष पति और उनके पुत्र पर मामला दर्ज
सागर जिले के देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया की बेटी प्रियंका पटेरिया के साथ चचेरे भाई विनीत पटेरिया और उनके बेटे कुशाल पटेरिया ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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सागर जिले के देवरी कला विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृज बिहारी पटेरिया की बेटी प्रियंका पटेरिया के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। विधायक ने अपने चचेरे भाई और देवरी जनपद अध्यक्ष पति विनीत पटेरिया तथा उनके बेटे कुशाल पटेरिया पर अपनी बेटी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। यह घटना विधायक निवास बिजोरा में हुई, जहां आरोपितों ने घर में घुसकर प्रियंका पटेरिया के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
प्रियंका पटेरिया के साथ हुई इस घटना के बाद, वे अपने पिता के साथ देवरी एसडीओपी कार्यालय पहुंची और आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रियंका पटेरिया का मेडिकल परीक्षण कराया और फिर विनीत पटेरिया और उनके बेटे कुशाल पटेरिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामला भारतीय दंड संहिता की धाराओं 296, 331(1), 115(2), 118(2), 351/3, 3(5) सहित दर्ज किया गया है।
प्रियंका पटेरिया ने बताया कि घटना के दिन, सुबह करीब 9 बजे के आस-पास विनीत पटेरिया और उनका बेटा कुशाल पटेरिया उनके घर पहुंचे। दोनों ने घर में घुसकर प्रियंका के साथ गाली-गलौज की और उसे मारपीट का शिकार बना दिया। प्रियंका के अनुसार, इस दौरान आरोपितों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। प्रियंका ने कहा कि यह हमला एकतरफा नहीं था और आरोपितों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार से वह आहत हैं, इसलिए उन्होंने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया।
वहीं, विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने कहा कि यह घटना बहुत ही गंभीर है, और उनकी बेटी के साथ किए गए दुर्व्यवहार के खिलाफ उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने कहा कि इस तरह के घटनाएं परिवार में आपसी मतभेद और विवाद के चलते बढ़ जाती हैं, लेकिन कानून का पालन करते हुए आरोपितों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
मामला अब पुलिस जांच के तहत है, और पुलिस ने आरोपितों को तलब कर लिया है। देवरी पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, ताकि आरोपितों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जा सकें।
