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Sagar: रक्षाबंधन के पहले इकलौते भाई की हुई मौत, बहनों ने दी मुखाग्नि; मोक्षधाम पर हर किसी की आंखें नम
Sun, 18 Aug 2024 06:52 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 06:52 PM IST
सार
Sagar: सागर शहर के रविशंकर वार्ड में एक बेहद मार्मिक वाक्या सामने आया है, जहां अपने 17 वर्षीय इकलौते भाई जो बचपन से ही शारीरिक रूप से कमजोर था, उसके निधन पर बहनों ने न सिर्फ मुखाग्नि दी, बल्कि अंतिम संस्कार की परंपराओं को निभाया।
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सागर अंतिम संस्कार
विस्तार
सागर शहर के रविशंकर वार्ड में एक बेहद मार्मिक वाक्या सामने आया है, जहां अपने 17 वर्षीय इकलौते भाई जो बचपन से ही शारीरिक रूप से कमजोर था, उसके निधन पर बहनों ने न सिर्फ मुखाग्नि दी, बल्कि अंतिम संस्कार की परंपराओं को निभाया। इस भावुक पल पर जो भी मुक्तिधाम में मौजूद था, वह दुखी नजर आया और भाई बहन के प्रेम का ये प्रसंग देख आंखें भर आई।
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रविशंकर वार्ड निवासी पप्पू भल्ला के पुत्र राजू का निधन सुबह हो गया, जिसका अंतिम संस्कार उसकी दो सगी बहन माही और महक ने नरयावली नाका मुक्ति धाम में किया।
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रक्षाबंधन के एक दिन पूर्व बहनों ने जब अपने भाई को मुखाग्नि दी, तब उन्होंने अपने भाई के साथ बिताया हुआ वक्त हर पल याद किया। बहनों ने कहा कि खासकर रक्षाबंधन पर हम जब अपने भाई को रक्षा सूत्र बांधते थे, तब भाई को यह एहसास भी नहीं होता था कि आज रक्षा पर्व है। हम सब उसकी सलामती और स्वस्थ रहने की प्रार्थना करते थे
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गौरतलब हो कि 17 वर्षीय मृतक राजू का लंबे समय से मानसिक विकास नहीं हुआ था लेकिन देह का विकास होता गया। 17 वर्ष की आयु में उसकी मां उसे अपने कंधों पर ले जाकर उसकी दैनिक जरूरतों की पूर्ति कराती थी। जिसका आज रविवार को आकस्मिक निधन हो गया।
भाई की शारीरिक तथा मानसिक अवस्था कैसी भी रही हो, लेकिन वह अपनी बहनों के लिए जान से भी ज्यादा प्यारा था इसलिए उसे अंतिम विदाई देने बहिनें नम आंखों से मुक्तिधाम पहुंची और भाई की कलाई पर राखी बांधी और उसे आसुओं के साथ मुखाग्नि देकर विदा किया इस अंतिम यात्रा में घर से लेकर मुक्तिधाम तक यह पल जिसने भी देखा उसकी आंखें नम थी।
सागर अंतिम संस्कार

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