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MP News: बच्चों को मुस्कान देने वाले डॉक्टर, आंगनवाड़ियों में जाकर करते हैं बच्चों का निशुल्क इलाज
Mon, 05 Feb 2024 03:26 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सागर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सागर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 05 Feb 2024 03:26 PM IST
सार
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विभाग में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अंकित जैन पिछले तीन सालों से सागर शहर से बीमार बच्चों को ढूंढ कर उनका निशुल्क इलाज कर रहे हैं। वे अभी तक 300 से ज्यादा बच्चों को गंभीर बीमारियों से मुक्त कर चुके हैं।
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सागर के एक डॉक्टर बच्चों का फ्री इलाज करते हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पदस्थ एक डॉक्टर इन दिनों काफी सुर्खियों में है। डॉक्टर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद शहर की आंगनवाड़ियों में जाकर बच्चों का इलाज करते हैं। जिन बच्चों को गंभीर बीमारी है, उनका पता अगर उनको आंगनवाड़ी से मिलता है तो वह उनके घर भी पहुंच जाते हैं। बीमारी ज्यादा गंभीर हो तो बच्चों की निशुल्क जांच और उपचार के लिए उन्हें राष्ट्रीय बाल कार्यक्रम में रजिस्टर कराकर अस्पताल तक पहुंचाने और इलाज करने की राह भी दिखाते हैं। डॉक्टर अभी तक 300 से ज्यादा बच्चों की गंभीर बीमारियों का इलाज कर उनके चेहरे पर मुस्कान ला चुके हैं। डॉक्टर ने इसलिए इस अभियान का नाम मुस्कान अभियान दिया हैं।
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विभाग में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अंकित जैन पिछले तीन सालों से सागर शहर से बीमार बच्चों को ढूंढ कर उनका निशुल्क इलाज कर रहे हैं। वे अभी तक 300 से ज्यादा बच्चों को गंभीर बीमारियों से मुक्त कर चुके हैं। डॉक्टर अंकित जैन ने जनवरी 2021 में इस पहल की शुरुआत की थी। डॉ. अपनी ड्यूटी के बाद सागर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों की आंगनवाड़ियों में जाते हैं और वहां बच्चों का निशुल्क इलाज करते हैं। आंगनवाड़ी से जिन गंभीर बीमार होने वाले बच्चों की जानकारी मिलती है तो वे उनके घर भी पहुंच जाते हैं। डॉ अंकित डोर टू डोर इलाज के अलावा 154 निशुल्क बाल स्वास्थ्य शिविर भी लगा चुके हैं। इन शिविर में कई बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण अकेले ही कर चुके हैं। इसमें छोटी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बच्चों की मौके पर ही इलाज और दवा की व्यवस्था करते हैं।
पीजी करने के दौरान मिली प्रेरणा
ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता इलाज करने में सक्षम नहीं हैं और वे बड़े हॉस्पिटलों तक नहीं पहुंच पाते ऐसे बच्चों का इलाज करने का बीड़ा डॉक्टर अंकित जैन ने उठाया और उन्होंने इस अभियान को नाम दिया मुस्कान अभियान। वे मुस्कान अभियान के तहत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क चिकित्सा की सुविधा मुहैया कराते हैं, जिसमें शासकीय योजनाओं के माध्यम से बच्चों को निशुल्क दवाएं और उपचार मिल जाता है। अब तक उन्हें बच्चों को खून की कमी, निमोनिया, फटे होठों, कम वजन, कुपोषण, दिल में छेद, सर्दी, बुखार, खांसी और विटामिन जैसी कई बीमारियों से ग्रसित बच्चों का इलाज करते हैं।
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इस अभियान के उद्देश्य बच्चों के उपचार के लिए चल रही शासन की योजनाओं से बच्चों को बीमारी तक उनको अस्पताल में निशुल्क इलाज दिलाने की व्यवस्था भी करवाते हैं। उनको इसकी प्रेरणा 2015 में भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक्स विभाग में पीजी की पढ़ाई करने के दौरान मिली। जब नाइट में एक माता-पिता अपने बच्चे को गंभीर हालत में लेकर अस्पताल आए और बच्चे का शरीर नीला पड़ चुका था। उसके दिल में छेद की समस्या थी और वह गंभीर बीमारी से बच्चे का इलाज करने में सक्षम नहीं थे। तभी डॉक्टर ने ठाना कि ऐसे बच्चों का इलाज मुहैया कराएंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें दिलाएंगे ताकि इलाज के अभाव में ऐसे मासूमों की मौत ना हो।
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सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विभाग में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अंकित जैन पिछले तीन सालों से सागर शहर से बीमार बच्चों को ढूंढ कर उनका निशुल्क इलाज कर रहे हैं। वे अभी तक 300 से ज्यादा बच्चों को गंभीर बीमारियों से मुक्त कर चुके हैं। डॉक्टर अंकित जैन ने जनवरी 2021 में इस पहल की शुरुआत की थी। डॉ. अपनी ड्यूटी के बाद सागर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों की आंगनवाड़ियों में जाते हैं और वहां बच्चों का निशुल्क इलाज करते हैं। आंगनवाड़ी से जिन गंभीर बीमार होने वाले बच्चों की जानकारी मिलती है तो वे उनके घर भी पहुंच जाते हैं। डॉ अंकित डोर टू डोर इलाज के अलावा 154 निशुल्क बाल स्वास्थ्य शिविर भी लगा चुके हैं। इन शिविर में कई बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण अकेले ही कर चुके हैं। इसमें छोटी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बच्चों की मौके पर ही इलाज और दवा की व्यवस्था करते हैं।
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पीजी करने के दौरान मिली प्रेरणा
ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता इलाज करने में सक्षम नहीं हैं और वे बड़े हॉस्पिटलों तक नहीं पहुंच पाते ऐसे बच्चों का इलाज करने का बीड़ा डॉक्टर अंकित जैन ने उठाया और उन्होंने इस अभियान को नाम दिया मुस्कान अभियान। वे मुस्कान अभियान के तहत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क चिकित्सा की सुविधा मुहैया कराते हैं, जिसमें शासकीय योजनाओं के माध्यम से बच्चों को निशुल्क दवाएं और उपचार मिल जाता है। अब तक उन्हें बच्चों को खून की कमी, निमोनिया, फटे होठों, कम वजन, कुपोषण, दिल में छेद, सर्दी, बुखार, खांसी और विटामिन जैसी कई बीमारियों से ग्रसित बच्चों का इलाज करते हैं।
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इस अभियान के उद्देश्य बच्चों के उपचार के लिए चल रही शासन की योजनाओं से बच्चों को बीमारी तक उनको अस्पताल में निशुल्क इलाज दिलाने की व्यवस्था भी करवाते हैं। उनको इसकी प्रेरणा 2015 में भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक्स विभाग में पीजी की पढ़ाई करने के दौरान मिली। जब नाइट में एक माता-पिता अपने बच्चे को गंभीर हालत में लेकर अस्पताल आए और बच्चे का शरीर नीला पड़ चुका था। उसके दिल में छेद की समस्या थी और वह गंभीर बीमारी से बच्चे का इलाज करने में सक्षम नहीं थे। तभी डॉक्टर ने ठाना कि ऐसे बच्चों का इलाज मुहैया कराएंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें दिलाएंगे ताकि इलाज के अभाव में ऐसे मासूमों की मौत ना हो।
