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सागर: जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच शुरू, बंडा पहुंचा आयोग,अफसरों की भूमिका और मौत के कारणों की होगी पड़ताल
Sat, 31 Oct 2026 08:04 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 31 Oct 2026 08:04 PM IST
सार
बंडा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में न्यायिक जांच आयोग ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। आयोग मौतों की वजह और घटना की परिस्थितियों की पड़ताल करेगा। साथ ही अधिकारियों की भूमिका की जांच कर शासन को रिपोर्ट सौंपेगा।
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जहरीली शराब कांड की जांच के लिए बंडा पहुंचा न्यायिक आयोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से हुई 36 मौतों के मामले की जांच के लिए राज्य शासन द्वारा गठित एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग ने शनिवार को बंडा पहुंचकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में बना यह आयोग मौतों की वजह तलाशने के साथ-साथ जिम्मेदार अफसरों की भूमिका की भी जांच करेगा।
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साक्ष्य जुटाने में जुटी टीम
आयोग के अध्यक्ष विष्णु प्रताप सिंह चौहान सागर पहुंच चुके हैं। बंडा पहुंची आयोग की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और कुछ लोगों से बात की। इसके साथ ही आयोग बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज तथा दूसरे संबंधित विभागों से भी घटनाक्रम की जानकारी ले रहा है। आयोग का मुख्यालय सागर में बनाया गया है। इसका कार्यालय पुराने आरटीओ कार्यालय परिसर में बने छात्रावास भवन में बनाया गया है। जांच पूरी करने के बाद आयोग तीन महीने में शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
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जांच का दायरा तय
यह आयोग मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर अपनी जांच पूरी करेगा। आयोग सबसे पहले यह पता लगाएगा कि जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत और उनके बीमार होने की वजह क्या थी। घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका भी तथ्यात्मक परीक्षण किया जाएगा।
आयोग संबंधित क्षेत्र के आबकारी अधिकारियों, पुलिस और दूसरे जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि उन्होंने अपने तय दायित्वों का पालन किया था या नहीं। इसके अलावा आयोग यह भी बताएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाने चाहिए। आयोग इस संबंध में प्रभावी नियंत्रण और निगरानी के उपायों की सिफारिश शासन से करेगा।
