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Ram Mandir: दिग्विजय सिंह का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- BJP का उद्देश्य मस्जिद तोड़ना था राम मंदिर बनाना नहीं
Wed, 17 Jan 2024 07:23 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, रीवा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, रीवा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 17 Jan 2024 07:23 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंचे थे। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर एक विवादित बयान भी दे डाला।
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दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। इस बार ये हमला राम मंदिर को केंद्र में रखकर किया गया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि भाजपा का उद्देश्य राम मंदिर बनाना कभी था ही नहीं, वे तो बस मस्जिद तोड़ना चाहते थे।
बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंचे थे। स्थानीय राज निवास में पत्रकार वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा पर हमले किए। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर एक विवादित बयान भी दे डाला। पूर्व सीएम ने कहा कि आरएसएस ने 1990 के दशक में आंदोलन चलाया और नारा दिया कि रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। मतलब वहीं बनाएंगे जहां बाबरी मस्जिद खड़ी है। इसका मतलब ही था कि पहले मस्जिद तोड़ो फिर मंदिर बनाओ। क्योंकि जब तक मस्जिद नही टूटती इनका उद्देश्य पूरा नहीं होता। इनका उद्देश्य ही मस्जिद तोड़ना था, राम मंदिर बनाना नहीं था।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज लोकतंत्र के साथ संविधान भी खतरे में है। अल्पसंख्यक चाहे वो कोई भी हो, मुसलमान हों, ईसाई, सिख, बोद्ध जैन हों, उनके लिए संविधान में किए गए प्रावधान को समाप्त करने का प्रयास हो रहा है। सनद में बिना चर्चा कराए बिल पास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है। यह देश मूल रूप से धार्मिक है। हर धर्म का सम्मान करना हमारे सनातन धर्म का विशेष अंग है। प्राणियों में सद्भावना, विश्व कल्याण की बात सनातन धर्म करता है।
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बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंचे थे। स्थानीय राज निवास में पत्रकार वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा पर हमले किए। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर एक विवादित बयान भी दे डाला। पूर्व सीएम ने कहा कि आरएसएस ने 1990 के दशक में आंदोलन चलाया और नारा दिया कि रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। मतलब वहीं बनाएंगे जहां बाबरी मस्जिद खड़ी है। इसका मतलब ही था कि पहले मस्जिद तोड़ो फिर मंदिर बनाओ। क्योंकि जब तक मस्जिद नही टूटती इनका उद्देश्य पूरा नहीं होता। इनका उद्देश्य ही मस्जिद तोड़ना था, राम मंदिर बनाना नहीं था।
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दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज लोकतंत्र के साथ संविधान भी खतरे में है। अल्पसंख्यक चाहे वो कोई भी हो, मुसलमान हों, ईसाई, सिख, बोद्ध जैन हों, उनके लिए संविधान में किए गए प्रावधान को समाप्त करने का प्रयास हो रहा है। सनद में बिना चर्चा कराए बिल पास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है। यह देश मूल रूप से धार्मिक है। हर धर्म का सम्मान करना हमारे सनातन धर्म का विशेष अंग है। प्राणियों में सद्भावना, विश्व कल्याण की बात सनातन धर्म करता है।
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