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Damoh: सजायाफ्ता कैदी की मौत पर परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम, बोले- दस हजार के लिए जेलर ने नहीं होने दिया इलाज
Sun, 11 Jun 2023 04:39 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 11 Jun 2023 04:39 PM IST
सार
परिजनों ने जेल प्रशासन पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए कहा कि तोताराम पिछले छह दिन से बीमार था। जेलर से कई बार इलाज कराने को कहा, लेकिन जेलर ने 10000 रुपये की मांग कर रहा था।
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जाम लगाकर विरोध जताते परिजन।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
दमोह जिला जेल में बंद 307 के सजायाफ्ता कैदी तोताराम काछी की मौत हो जाने पर रविवार को परिजनों ने अस्पताल चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया और परिवार को 20 लाख रुपये सहायता राशि दिलाने की मांग प्रशासन से की। साथ ही जेल प्रशासन पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। दमोह तहसीलदार मोहित जैन परिजनों से मिलने पहुंचे, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया और कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़ गए और दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया।
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बता दें देहात थाना के मुड़िया गांव निवासी तोताराम काछी और उसके परिवार के आठ लोगों को 307 के मामले में सात साल की सजा सुनाई गई है। सभी लोग जिला जेल में बंद हैं। शनिवार शाम तबीयत खराब होने पर तोताराम को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अस्पताल चौराहे पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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एसपी के नाम एक ज्ञापन दिया
परिजनों ने एसपी के नाम एक ज्ञापन दिया, जिसमें बताया गया कि पवन पटेल का भाई मृतक तोताराम काछी 307 के प्रकरण में दमोह जेल में कस्टडी में था। वह पिछले छह दिन से बीमार था व जेलर से कई बार इलाज कराने को कहा था, लेकिन जेलर ने 10000 रुपये की मांग परिजनों से कर रहा था। पैसे नहीं देने व समय पर उचित इलाज न होने से तोताराम की मौत हो गई। कैदियों से मिलने जाने पर जेल में बगैर पैसे दिए। किसी भी कैदी से मिलने नहीं दिया जाता है। तोताराम की मृत्यु पर मृतक के परिजनों को शासन से प्रतिकर 20 लाख रुपये दिलाया जाएं।
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