बजरंग दल के राष्ट्रीय अधिवेशन में राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पास
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प्रस्ताव में कहा गया है कि चूंकि केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकारें हैं, इसलिए अयोध्या में मंदिर निर्माण में देरी नहीं होना चाहिए। मंदिर निर्माण को लेकर जो भी बाधाएं हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर करना ही होगा।
यही नहीं देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की जरूरत भी बताई गई है। माना जा रहा है कि ताजा प्रस्ताव म्यांमार से भारत में आए रोहिंग्या मुसलमानों पर ही लक्षित है, जिन्हें शरण देने के मसले पर देश का सियासी माहौल बीते कुछ दिनों से गर्म है।
बजरंग दल के इस अधिवेशन में देश भर के करीब तीन हजार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। केरल के अलावा पूर्वोत्तर से भी प्रतिनिधियों ने अधिवेशन में शिरकत की। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि मंदिर निर्माण, गोरक्षा व रोहिंग्या समेत आंतरिक सुरक्षा के मसलों पर संगठन किसी भी हाल में अपने एजेंडे से पीछे नहीं हटेगा।
संघ कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों को लेकर चर्चा
अधिवेशन के दौरान केरल में आरएसएस एवं राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों के बारे में बातचीत हुई। तय किया गया कि पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि केरल सरकार हिंदुओं के साथ बुरा बर्ताव कर रही है। इसके साथ ही राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता की मजबूती के लिए काम करने का भी संकल्प लिया गया।
गोरक्षा के लिए देश भर में एक कानून की मांग
अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के जरिए केंद्र सरकार से गोरक्षा को लेकर देश भर में एक कानून की मांग की गई है। अभी राज्यों में अलग-अलग कानून हैं। फैसला हुआ है कि विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन प्रस्तावों से अवगत कराने के साथ उन्हें एक मांग पत्र सौंपेगा।
50 लाख युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए अभियान
अधिवेशन में इस 33 साल पुराने संगठन ने अपने विस्तार के बारे में भी बड़ा निर्णय लिया है। अगले माह 19 नवंबर से युवाओं को संगठन से जोड़ने का बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा।
05 दिसंबर तक चलने वाले इस महाअभियान के तहत करीब 50 लाख युवाओं से संपर्क कर उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान युवाओं से देश की संस्कृति को मजबूत करने के लिए काम करने का भी आह्वान किया जाएगा।
