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MP News: ढाई साल की मासूम का लिवर फेल, दवा का ओवरडोज देने वाले डॉक्टर पर केस दर्ज
Mon, 09 Oct 2023 11:01 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 09 Oct 2023 11:01 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के राजगढ़ में दवा ओवरडोज देने से ढाई साल की बच्ची का लिवर फेल होने का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत पर सरकारी डॉक्टर पर केस दर्ज किया गया है।
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बच्ची को पैरासिटामॉल का ओवरडोज देने के कारण से उसका लिवर फेल हो गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के जीरापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तत्कालीन शासकीय चिकित्सक पर प्रकरण दर्ज किया गया है। डॉक्टर पर आरोप है कि उसने 23 माह की मासूम को बुखार के दौरान पैरासिटामॉल का ओवरडोज दिया, जिससे उसका दो बार लिवर फेल हो गया।
दरअसल, जीरापुर थाना क्षेत्र के लखोनी गांव के रहने वाले सुरेश दांगी ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को बीते वर्ष लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी कि जीरापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तत्कालीन डॉ. गगन सिंह परिहार ने उनकी पुत्री कुमारी कल्पिता जिसकी उम्र तब 1 वर्ष 11 माह थी उसको उपचार के दौरान दवा का हाई डोज़ दिया। इस कारण उसका लिवर फेल हो गया। जांच दल गठित कर मामले की जांच कराई गई।
जांच में आया सामने
जांच समिति द्वारा लिए गए बयान एवं प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए प्रतिवेदन के अनुसार डॉ. गगन सिंह परिहार द्वारा मरीज कल्पिता पिता सुरेश दांगी का 9 नवंबर 2022 को इलाज किया गया था। इलाज के दौरान उसकी दवाई पर्ची पर पी-500 सिरप पांच एमएल दिन में तीन बार लिखकर देने की स्वयं के द्वारा पुष्टि की गई। मरीज की उम्र को देखते हुए पैरासिटामॉल दवाई की यह मात्रा ओवरडोज की श्रेणी में आती है। ओवरडोज देने पर बच्ची की तबीयत बिगड़ने तो उसे डॉ. डी. एस. गुर्जर शिशु रोग विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जीरापुर को दिखाया गया। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। इस पर मरीज के पिता उसे झालावाड और अंत में सैन्य अस्पताल दिल्ली में इलाज हेतु ले गए। बच्ची का आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में इलाज चला। जांचों के परीक्षण उपरांत समिति का निष्कर्ष है कि बच्ची को पैरासिटामॉल का ओवरडोज देने के कारण से उसका लिवर फेल हो गया।
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बिटिया अभी भी खतरे से बाहर नहीं
पीड़ित मासूम के पिता सुरेश दांगी ने बताया कि वे सेना में पदस्थ हैं और जम्मू कश्मीर में उनकी पोस्टिंग है। उनकी बेटी को डॉ. गगन परिहार द्वारा दवा का ओवरडोज दिया गया। इस कारण 11 नवंबर 2022 को उसका पहली मर्तबा लिवर फैल हुआ। इसके बाद पिछले माह दूसरी बार उसके साथ यह घटनाक्रम हुआ। दिल्ली के डॉक्टरों का कहना है कि मेरी बिटिया अभी भी खतरे से बाहर नहीं है।
डॉक्टर पर केस दर्ज
जांच समिति की रिपोर्ट के व बच्ची की मां पवित्रा दांगी की शिकायत के आधार पर जीरापुर पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ केंद्र के तत्कालीन चिकित्सक डॉ. गगन परिहार के विरुद्ध धारा 336 के तहत प्रकरण दर्ज कर मामला विवेचना में लिया है।
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दरअसल, जीरापुर थाना क्षेत्र के लखोनी गांव के रहने वाले सुरेश दांगी ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को बीते वर्ष लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी कि जीरापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तत्कालीन डॉ. गगन सिंह परिहार ने उनकी पुत्री कुमारी कल्पिता जिसकी उम्र तब 1 वर्ष 11 माह थी उसको उपचार के दौरान दवा का हाई डोज़ दिया। इस कारण उसका लिवर फेल हो गया। जांच दल गठित कर मामले की जांच कराई गई।
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जांच में आया सामने
जांच समिति द्वारा लिए गए बयान एवं प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए प्रतिवेदन के अनुसार डॉ. गगन सिंह परिहार द्वारा मरीज कल्पिता पिता सुरेश दांगी का 9 नवंबर 2022 को इलाज किया गया था। इलाज के दौरान उसकी दवाई पर्ची पर पी-500 सिरप पांच एमएल दिन में तीन बार लिखकर देने की स्वयं के द्वारा पुष्टि की गई। मरीज की उम्र को देखते हुए पैरासिटामॉल दवाई की यह मात्रा ओवरडोज की श्रेणी में आती है। ओवरडोज देने पर बच्ची की तबीयत बिगड़ने तो उसे डॉ. डी. एस. गुर्जर शिशु रोग विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जीरापुर को दिखाया गया। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। इस पर मरीज के पिता उसे झालावाड और अंत में सैन्य अस्पताल दिल्ली में इलाज हेतु ले गए। बच्ची का आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में इलाज चला। जांचों के परीक्षण उपरांत समिति का निष्कर्ष है कि बच्ची को पैरासिटामॉल का ओवरडोज देने के कारण से उसका लिवर फेल हो गया।
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बिटिया अभी भी खतरे से बाहर नहीं
पीड़ित मासूम के पिता सुरेश दांगी ने बताया कि वे सेना में पदस्थ हैं और जम्मू कश्मीर में उनकी पोस्टिंग है। उनकी बेटी को डॉ. गगन परिहार द्वारा दवा का ओवरडोज दिया गया। इस कारण 11 नवंबर 2022 को उसका पहली मर्तबा लिवर फैल हुआ। इसके बाद पिछले माह दूसरी बार उसके साथ यह घटनाक्रम हुआ। दिल्ली के डॉक्टरों का कहना है कि मेरी बिटिया अभी भी खतरे से बाहर नहीं है।
डॉक्टर पर केस दर्ज
जांच समिति की रिपोर्ट के व बच्ची की मां पवित्रा दांगी की शिकायत के आधार पर जीरापुर पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ केंद्र के तत्कालीन चिकित्सक डॉ. गगन परिहार के विरुद्ध धारा 336 के तहत प्रकरण दर्ज कर मामला विवेचना में लिया है।
