Rajgarh: राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका दिव्यांग मॉडल, अपने ही क्षेत्र में मान सम्मान से वंचित, जानें वजह
Rajgarh: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 8 से 10 किलोमीटर की दूरी पर बसे करेड़ी गांव में निवास करने वाले दिव्यांग राजेश वर्मा एक मॉडल है, जिन्होंने राजगढ़ जिले का नाम राष्ट्रीय वा अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रखा है, लेकिन उन्हें अफसोस है की वे अपने ही क्षेत्र में जिला वा स्थानीय प्रशासन के मान सम्मान से वंचित है।
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मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले दिव्यांग मॉडल राजेश वर्मा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान देकर गांव का नाम रोशन कर चुके हैं, लेकिन वे अपने ही क्षेत्र में मान सम्मान से वंचित है। राजेश वर्मा बताते है कि लगभग 4 वर्ष पूर्व जब वे अपनी स्नातक डिग्री की तैयारी कर रहे थे, उस दौरान उनके साथ एक हादसा हुआ और वे 3 मंजिल फ्लैट से नीचे गिर गए, जिसमें उनकी कमर की हड्डी डैमेज हो गई थी। इस हादसे के बाद वे दोनों पैर से पैरालिसिस हो गए, जिसके बाद वे चलने तक की भी उम्मीद छोड़ चुके थे, लेकिन उन्होंने अपनी हिम्मत और हौसले से छड़ी के सहारे चलते हुए मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और मिस्टर इंडिया का खिताब जीता, जोकि मॉडलिंग की दुनिया में एक राष्ट्रीय स्तर का खिताब है।
राज्यपाल भी दे चुके हैं सम्मान
जिसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और देश के अलग-अलग हिस्से में होने वाले शो में शिरकत की और कई अवार्ड भी जीते। उन्हें सांसद मनोज तिवारी सहित केंद्र व प्रदेश स्तर के जनप्रतिनिधि सम्मानित कर चुके हैं। इतना ही नहीं विश्व दिव्यांग दिवस के मौके पर उन्हें जम्मू कश्मीर के महामहिम राज्यपाल मनोज सिन्हा के द्वारा दिव्यांगजन स्वाभिमान सम्मान वर्ष 2023 से नवाजा जा चुका है।
