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रायसेन: दो करोड़ की वसूली के लिए नगर पालिका का शिकंजा, 80 दुकानदारों को नोटिस भेजा, तालाबंदी की तैयारी

Wed, 30 Sep 2026 11:22 AM IST
रायसेन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन Published by: रायसेन ब्यूरो Updated Wed, 30 Sep 2026 11:22 AM IST
सार

लंबे समय से नगर पालिका की दुकानों का किराया जमा नहीं करने वाले करीब 80 दुकानदारों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। इन पर 2 करोड़ रुपये से अधिक का किराया बकाया है। नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने पर दुकानों में तालाबंदी की जाएगी।

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Raisen: 80 Municipal Shops Owe Over Rs 2 Crore in Rent, Lockdown Action After Notices
80 दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी

विस्तार

रायसेन नगर पालिका की दुकानों से लंबे समय से किराया नहीं मिलने के कारण अब बकायादार दुकानदारों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। शहर में नगर पालिका की संपत्तियों में कारोबार कर रहे करीब 80 दुकानदारों पर दो करोड़ रुपए से अधिक का किराया बकाया बताया गया है। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर नगर पालिका अब सख्त कदम उठाने जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक बकाया राशि जमा नहीं करने वाली दुकानों को सील किया जा सकता है।
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नगर पालिका की कार्रवाई का दायरा शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों तक रहेगा। इसमें बस स्टैंड, महामाया चौक और नगर पालिका कार्यालय भवन के नीचे संचालित दुकानें शामिल हैं। इन स्थानों पर लंबे समय से व्यापार कर रहे कई दुकानदारों पर किराए की बड़ी राशि जमा हो गई है। नगर पालिका का कहना है कि बकाया वसूली के लिए संबंधित दुकानदारों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। नगर पालिका की कई दुकानें पूर्व में नीलामी और बोली प्रक्रिया के जरिए आवंटित की गई थीं। कुछ मामलों में दुकानदारों ने दुकान प्राप्त करने के बाद आवंटन की मूल राशि तक पूरी तरह जमा नहीं की। इसके साथ ही नियमित किराया भी जमा नहीं होने से बकाया लगातार बढ़ता गया। अब नगर पालिका ऐसे मामलों को अलग-अलग चिह्नित कर वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
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अधिकारियों के अनुसार वर्षों से चली आ रही बकाया राशि को अब और लंबित रखने के बजाय नियमानुसार वसूल करने पर जोर दिया जा रहा है। नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका ने केवल दुकानों के किराए तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। शहर में संपत्ति कर और जल कर की वसूली बढ़ाने के लिए भी कर्मचारियों को लक्ष्य सौंपे गए हैं। इसके बाद नगर पालिका की टीमें सुबह से ही अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर बकायादारों से संपर्क कर रही हैं। कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को लंबित कर जमा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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नगर पालिका का उद्देश्य बकाया राशि की वसूली के साथ-साथ नियमित कर भुगतान की व्यवस्था को भी मजबूत करना है। अधिकारियों का कहना है कि राजस्व में वृद्धि होने से शहर में जरूरी विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों को गति देने में मदद मिलेगी। दुकानों के मामले में नगर पालिका ने बकाया राशि की जानकारी जुटाकर ऐसे दुकानदारों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने लंबे समय से किराया जमा नहीं किया है। नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं करने वालों को अब अंतिम कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

सीएमओ सुरेखा जाटव के अनुसार करीब 80 दुकानदारों पर दो करोड़ रुपए से अधिक किराया बकाया है। उन्हें भुगतान के लिए नोटिस दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी राशि जमा नहीं होने पर संबंधित दुकानों में तालाबंदी की जाएगी। उन्होंने बताया कि संपत्ति कर की वसूली के लिए भी कर्मचारियों को लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और इसके लिए मैदानी स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। नगर पालिका की इस कार्रवाई के बाद अब बकायादार दुकानदारों पर राशि जमा करने का दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में नोटिस के बाद भुगतान नहीं करने वाली दुकानों पर कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।
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