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Projech Cheetah: कूनो के पांच चीते हुए 'आजाद', सीएम मोहन यादव ने खुले जंगल में छोड़ा
Wed, 05 Feb 2025 07:29 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 05 Feb 2025 07:29 PM IST
सार
कूनो नेशनल पार्क में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आशा और धीरा सहित आशा के तीन शावकों को खुले जंगल में छोड़ा। इससे पार्क में स्वतंत्र विचरण करने वाले चीतों की संख्या सात हो गई। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देगा, जबकि शावक मां आशा से शिकार करना सीखेंगे। उनकी सुरक्षा व निगरानी सुनिश्चित की गई है।
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सीएम मोहन यादव ने पांच चीतों को आजाद किया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कूनो नेशनल पार्क में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पांच चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। इनमें दो वयस्क मादा चीते आशा और धीरा के साथ-साथ आशा के तीन शावक शामिल हैं। खास बात यह है कि तीनों शावक कूनो में ही जन्मे हैं।
पार्क के डीएफओ थिरुकुरल के अनुसार दिसंबर में पहले ही दो चीते अग्नि और वायु को रिलीज किया जा चुका है, जो वर्तमान में पार्क की सीमा में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। इस नई रिलीज के साथ, अब कूनो में खुले जंगल में विचरण करने वाले चीतों की कुल संख्या 7 हो गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीरा के नवजात शावकों के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली।
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पार्क के डीएफओ थिरुकुरल के अनुसार दिसंबर में पहले ही दो चीते अग्नि और वायु को रिलीज किया जा चुका है, जो वर्तमान में पार्क की सीमा में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। इस नई रिलीज के साथ, अब कूनो में खुले जंगल में विचरण करने वाले चीतों की कुल संख्या 7 हो गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीरा के नवजात शावकों के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली।
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श्योपुर में सीेएम मोहन यादव ने चीतों को जंगल में छोड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
अब तक ये चीते 100 हेक्टेयर के बाड़े में सीमित थे
यह कदम कूनो में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। अब तक ये चीते 100 हेक्टेयर के बाड़े में सीमित थे, लेकिन अब पर्यटकों को खुले जंगल में चीतों का दीदार करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल पार्क में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि चीतों के लिए भी प्राकृतिक वातावरण में रहने का बेहतर अवसर मिलेगा। बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में आशा वह पहली मां बनी है, जिससे तीन नर चीते जन्मे हैं और तीनों खुले जंगल में छोड़े गए हैं। आशा ने इन चीतों को एक जनवरी 2024 में कूनो नेशनल पार्क में जन्म दिया था, जिसका पता पार्क प्रबंधन को 2 जनवरी को चला था।
मां के साथ सीखेंगे शिकार करना
कूनो नेशनल पार्क में आशा के साथ जिन तीन शावकों को छोड़ा गया है, वह अगले तीन महीने मां के साथ ही रहेंगे और शिकार करेंगे। पार्क प्रबंधन ने इन्हें खुले जंगल में छोड़े जाने के दौरान इनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। आशा और उसके तीन शावकों की मॉनिटरिंग के लिए दो दल रहेंगे, जो उनकी मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि इन चीतों की एक एक पल की जानकारी मिल सके। दल में जो लोग शामिल रहेंगे, उनकी ड्यूटी बीच बीच में बदलती रहेगी।
यह कदम कूनो में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। अब तक ये चीते 100 हेक्टेयर के बाड़े में सीमित थे, लेकिन अब पर्यटकों को खुले जंगल में चीतों का दीदार करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल पार्क में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि चीतों के लिए भी प्राकृतिक वातावरण में रहने का बेहतर अवसर मिलेगा। बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में आशा वह पहली मां बनी है, जिससे तीन नर चीते जन्मे हैं और तीनों खुले जंगल में छोड़े गए हैं। आशा ने इन चीतों को एक जनवरी 2024 में कूनो नेशनल पार्क में जन्म दिया था, जिसका पता पार्क प्रबंधन को 2 जनवरी को चला था।
मां के साथ सीखेंगे शिकार करना
कूनो नेशनल पार्क में आशा के साथ जिन तीन शावकों को छोड़ा गया है, वह अगले तीन महीने मां के साथ ही रहेंगे और शिकार करेंगे। पार्क प्रबंधन ने इन्हें खुले जंगल में छोड़े जाने के दौरान इनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। आशा और उसके तीन शावकों की मॉनिटरिंग के लिए दो दल रहेंगे, जो उनकी मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि इन चीतों की एक एक पल की जानकारी मिल सके। दल में जो लोग शामिल रहेंगे, उनकी ड्यूटी बीच बीच में बदलती रहेगी।
