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Amarkantak: कल्चुरीकालीन रंग महल में स्थित मंदिरों में पूजा कर सकेंगे लोग, न्यायालय ने हटाई 40 साल से लगी रोक
Tue, 20 Sep 2022 11:43 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 20 Sep 2022 11:43 AM IST
सार
अनूपपुर जिले के अपर सत्र न्यायालय राजेंद्र ग्राम ने द्वारिका शारदा पीठ के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कल्चुरीकालीन रंग महल के मंदिरों पर पूजा करने में लगी रोक हटा ली है।
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रंगमहल के मंदिरों में पूजा कर सकेंगे लोग, प्रतिबंध हटा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पवित्र नर्मदा नदी उद्गम स्थल अमरकंटक अपने प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। पुरातत्व विभाग के अधीन कलचुरीकालीन रंग महल में कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जिनमें 4 दशकों से दर्शनार्थी पूजा अर्चना नहीं कर पा रहे हैं। अनूपपुर जिले के अपर सत्र न्यायालय राजेंद्र ग्राम द्वारा द्वारिका शारदा पीठ के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमरकंटक के रंग महल में कर्ण, शिव, पातालेश्वर भगवान शिव, ज्वालामुखी बद्रीनाथ भगवान के मंदिर हैं, जिनमें पूजा पाठ को लेकर करीब 4 दशक से न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। तत्कालीन द्वारका शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वर्गीय स्वामी स्वरूपानंद ने भारत सरकार पुरातत्व विभाग राज्य सरकार के खिलाफ पूजा पाठ की अनुमति की मांग को लेकर सात साल पहले 2015 में अपर सत्र न्यायालय राजेंद्रग्राम में याचिका दर्ज करवाई थी। मंदिर परिसर क्षेत्र और मंदिरों की संपूर्ण देखरेख और पूजा पाठ का उत्तर दायित्व द्वारिका शारदा पीठ का है। यह उल्लेख किया गया था। इस बात को न्यायालय ने स्वीकार करते हुए शनिवार को द्वारिका शारदा पीठ के पक्ष में फैसला दिया। अब रंग महल में स्थित मंदिरों में करीब 40 साल बाद भक्त पूजा अर्चना कर सकेंगे।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमरकंटक के रंग महल में कर्ण, शिव, पातालेश्वर भगवान शिव, ज्वालामुखी बद्रीनाथ भगवान के मंदिर हैं, जिनमें पूजा पाठ को लेकर करीब 4 दशक से न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। तत्कालीन द्वारका शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वर्गीय स्वामी स्वरूपानंद ने भारत सरकार पुरातत्व विभाग राज्य सरकार के खिलाफ पूजा पाठ की अनुमति की मांग को लेकर सात साल पहले 2015 में अपर सत्र न्यायालय राजेंद्रग्राम में याचिका दर्ज करवाई थी। मंदिर परिसर क्षेत्र और मंदिरों की संपूर्ण देखरेख और पूजा पाठ का उत्तर दायित्व द्वारिका शारदा पीठ का है। यह उल्लेख किया गया था। इस बात को न्यायालय ने स्वीकार करते हुए शनिवार को द्वारिका शारदा पीठ के पक्ष में फैसला दिया। अब रंग महल में स्थित मंदिरों में करीब 40 साल बाद भक्त पूजा अर्चना कर सकेंगे।
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