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Madhya Pradesh: पन्ना में उत्तर प्रदेश के जेसीबी चालक को मिला हीरा, तीन साल से छान रहे थे खाक
Sat, 24 Sep 2022 07:57 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 24 Sep 2022 07:57 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के जेसीबी चालक की किस्मत चमकी है। उन्हें .60 सेंट का हीरा मिला है। आने वाली नीलामी में इसे रखा जाएगा। जेसीबी चालक दोस्त के कहने पर पिछले तीन सालों से खदान में हीरा तलाश रहे थे।
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पन्ना में जेसीबी चालक को मिला हीरा।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश की हीरा नगरी पन्ना में लोगों की किस्मत बदलने की क्षमता है। यहां सैकड़ों लोगों को पन्ना की धरती ने हीरा देकर मालामाल बनाया है। अब उत्तर प्रदेश के जेसीबी चालक की किस्मत चमकी है। उन्हें .60 सेंट का हीरा मिला है। आने वाली नीलामी में इसे रखा जाएगा। जेसीबी चालक दोस्त के कहने पर पिछले तीन सालों से खदान में हीरा तलाश रहे थे।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में रहने वाले अतर सिंह पेशे से जेसीबी ड्राइवर हैं। अंतर सिंह ने बताया कि तीन साल पहले उनके मित्र ने पन्ना में हीरे मिलने की बात कही थी। इसके बाद तीन साल पहले अतर सिंह ने पन्ना के पटी बजरिया में खदान ली थी। तीन सालों से वे यहां खाक छान रहे थे, पर उन्हें कुछ नहीं मिला। वे मन बना चुके थे कि कुछ नहीं मिलने वाला और अब खदान नहीं आएंगे। उम्मीद हार चुके थे।
अतर सिंह ने बताया कि जब घर वापसी का मन बना लिया तो लगा एकबार फिर खदान में किस्मत आजमा ली जाए। इस बार किस्मत पलट गई और उन्हें 0.60 सेंट का उज्जवल किस्म का हीरा मिला। हीरे को अतर सिंह ने हीरा कार्यालय में जमा किया है। हीरा पारखी की मानें तो यह जेम्स क्वालिटी का हीरा है, जो बहुत कम देखने को मिलते हैं।
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इधर जवानी का प्रयास बुढ़ापे में सफल
पन्ना में हीरा मिलने की दूसरी कहानी भी सामने आई है। एक मजदूर पुन्ना उर्फ पूरन अहिरवार ने अपनी जवानी में खदान लगाई थी और अब 30 साल बाद बुढ़ापे में उसे 1 कैरेट 10 सेंट का हीरा मिला है। पूरन ने हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर कृष्णा कल्याणपुर पट्टी में खदान लगाई थी। पूरन अहिरवार ने बताया कि पहले भी उन्हें हीरे मिले हैं, लेकिन सभी छोटे-छोटे थे। हीरा नीलामी के बाद मिलने वाले पैसों से वह अपने बच्चों की शादी करेंगे।
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जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में रहने वाले अतर सिंह पेशे से जेसीबी ड्राइवर हैं। अंतर सिंह ने बताया कि तीन साल पहले उनके मित्र ने पन्ना में हीरे मिलने की बात कही थी। इसके बाद तीन साल पहले अतर सिंह ने पन्ना के पटी बजरिया में खदान ली थी। तीन सालों से वे यहां खाक छान रहे थे, पर उन्हें कुछ नहीं मिला। वे मन बना चुके थे कि कुछ नहीं मिलने वाला और अब खदान नहीं आएंगे। उम्मीद हार चुके थे।
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अतर सिंह ने बताया कि जब घर वापसी का मन बना लिया तो लगा एकबार फिर खदान में किस्मत आजमा ली जाए। इस बार किस्मत पलट गई और उन्हें 0.60 सेंट का उज्जवल किस्म का हीरा मिला। हीरे को अतर सिंह ने हीरा कार्यालय में जमा किया है। हीरा पारखी की मानें तो यह जेम्स क्वालिटी का हीरा है, जो बहुत कम देखने को मिलते हैं।
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इधर जवानी का प्रयास बुढ़ापे में सफल
पन्ना में हीरा मिलने की दूसरी कहानी भी सामने आई है। एक मजदूर पुन्ना उर्फ पूरन अहिरवार ने अपनी जवानी में खदान लगाई थी और अब 30 साल बाद बुढ़ापे में उसे 1 कैरेट 10 सेंट का हीरा मिला है। पूरन ने हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर कृष्णा कल्याणपुर पट्टी में खदान लगाई थी। पूरन अहिरवार ने बताया कि पहले भी उन्हें हीरे मिले हैं, लेकिन सभी छोटे-छोटे थे। हीरा नीलामी के बाद मिलने वाले पैसों से वह अपने बच्चों की शादी करेंगे।
