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The Kerala Story: द केरल स्टोरी के समर्थन में बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री, बोले- फिल्म में सच बताया
Mon, 22 May 2023 07:35 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 22 May 2023 07:35 PM IST
सार
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सागर में कहा कि द केरल स्टोरी सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। ये देश की वर्तमान परिस्थिति है। हम सब हिंदू सोए हुए हैं। समझ नहीं पा रहे।
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पंडित धीरेंद्र शास्त्री।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हाल ही में रिलीज हुई द केरल स्टोरी फिल्म का बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समर्थन किया है। उन्होंने सागर के जैसीनगर में कहा कि द केरल स्टोरी सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। यह देश की वर्तमान परिस्थिति है।
बता दें कि सागर की सुरखी विधानसभा के जैसीनगर में 20 से 22 मई तक बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा आयोजित की गई है। कथा के दूसरे दिन रविवार को दिव्य दरबार लगाया गया। दिव्य दरबार में केरल से आई महिला की अर्जी लगी। केरल निवासी महिला ने मंच पर पहुंचकर कहा कि मैं टीवी पर आपकी कथा देखती थी। मैंने प्रण लिया था कि पंडाल में बैठकर कथा सुनना है और मैं आ गई, क्योंकि वहां कथा होती नहीं है। महिला की बात सुन पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मतलब द केरल स्टोरी सत्य बनी है। जिस पर महिला ने जवाब देते हुए कहा कि कुछ-कुछ सत्य है लेकिन कुछ एडिट की गई है।
इससे पहले रात के समय हुई प्रश्नोत्तरी में पंडित धीरेंद्र शास्त्री से सागर के एक युवक ने द केरल स्टोरी को लेकर उनकी राय जाननी चाहिए। जिस पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खुलकर बोलते हुए कहा कि द केरल स्टोरी सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। ये देश की वर्तमान परिस्थिति है। हम सब हिंदू सोए हुए हैं। समझ नहीं पा रहे। लोग हमसे कहते हैं कि आप भड़काऊ बयान देते हैं, आप विवादित बातें करते हैं। पर प्राय: हमारी बातें भड़काऊ नहीं, अपितु हिंदुओं को जगाऊ वाली बातें होती हैं। दूसरी बात जो हुआ है वह उस मूवी में दिखाया जा रहा है। तीसरी बात हम सब हिंदुओं का यह दुर्भाग्य है कि उस मूवी में जो-जो बताया गया है वह एक-एक अक्षर सा सत्य है।
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शास्त्री ने कहा कि जब तक भारत के प्रत्येक मंदिर में हिंदुओं को यह शिक्षा नहीं देंगे कि सनातन क्या है? और हिंदू क्या है? तब तक ऐेसी घटनाएं घटती रहेंगी और ऐसी फिल्में बनती रहेंगी। इस फिल्म से समझ जाना चाहिए और हमको जाग जाना चाहिए। हमारी बहनों को तो खासकर जान लेना चाहिए। अपने धर्म में मरना ठीक है, दूसरे धर्म का विचार करने से। इसलिए दूसरे मजहब और पंथ के व्यक्ति पर उतना ही भरोसा करना चाहिए, जितना कि हमको समुंदर में डाले हुए सिक्के पर भरोसा हो मिलने का।
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बता दें कि सागर की सुरखी विधानसभा के जैसीनगर में 20 से 22 मई तक बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा आयोजित की गई है। कथा के दूसरे दिन रविवार को दिव्य दरबार लगाया गया। दिव्य दरबार में केरल से आई महिला की अर्जी लगी। केरल निवासी महिला ने मंच पर पहुंचकर कहा कि मैं टीवी पर आपकी कथा देखती थी। मैंने प्रण लिया था कि पंडाल में बैठकर कथा सुनना है और मैं आ गई, क्योंकि वहां कथा होती नहीं है। महिला की बात सुन पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मतलब द केरल स्टोरी सत्य बनी है। जिस पर महिला ने जवाब देते हुए कहा कि कुछ-कुछ सत्य है लेकिन कुछ एडिट की गई है।
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इससे पहले रात के समय हुई प्रश्नोत्तरी में पंडित धीरेंद्र शास्त्री से सागर के एक युवक ने द केरल स्टोरी को लेकर उनकी राय जाननी चाहिए। जिस पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खुलकर बोलते हुए कहा कि द केरल स्टोरी सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। ये देश की वर्तमान परिस्थिति है। हम सब हिंदू सोए हुए हैं। समझ नहीं पा रहे। लोग हमसे कहते हैं कि आप भड़काऊ बयान देते हैं, आप विवादित बातें करते हैं। पर प्राय: हमारी बातें भड़काऊ नहीं, अपितु हिंदुओं को जगाऊ वाली बातें होती हैं। दूसरी बात जो हुआ है वह उस मूवी में दिखाया जा रहा है। तीसरी बात हम सब हिंदुओं का यह दुर्भाग्य है कि उस मूवी में जो-जो बताया गया है वह एक-एक अक्षर सा सत्य है।
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शास्त्री ने कहा कि जब तक भारत के प्रत्येक मंदिर में हिंदुओं को यह शिक्षा नहीं देंगे कि सनातन क्या है? और हिंदू क्या है? तब तक ऐेसी घटनाएं घटती रहेंगी और ऐसी फिल्में बनती रहेंगी। इस फिल्म से समझ जाना चाहिए और हमको जाग जाना चाहिए। हमारी बहनों को तो खासकर जान लेना चाहिए। अपने धर्म में मरना ठीक है, दूसरे धर्म का विचार करने से। इसलिए दूसरे मजहब और पंथ के व्यक्ति पर उतना ही भरोसा करना चाहिए, जितना कि हमको समुंदर में डाले हुए सिक्के पर भरोसा हो मिलने का।
