फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Neemuch: The relatives of the deceased were scolded by the relatives of the deceased, who came to console the BJP MLA, were angry for not being able to help the teenager suffering from cancer.

नीमच: सांत्वना देने पहुंचे भाजपा विधायक को मृतक के परिजनों ने सुनाई खरी-खोटी, विधायक ने किया था कैंसर पीड़ित किशोरी को मदद दिलाने का वादा

Thu, 27 Jan 2022 02:58 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 27 Jan 2022 02:58 PM IST
सार

नीमच की एक कैंसर पीड़ित किशोरी को आर्थिक मदद उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण भाजपा विधायक दिलीप सिंह को परिवार के गुस्से का शिकार होना पड़ा। मृत किशोरी के दादा ने जमकर खरी खोटी सुनाई। कहा कि आप समय रहते मदद कर देते तो शायद मेरी बेटी बच जाती।

विज्ञापन
Neemuch: The relatives of the deceased were scolded by the relatives of the deceased, who came to console the BJP MLA, were angry for not being able to help the teenager suffering from cancer.
Neemuch: परिवार को सांत्वना देने पहुंचे विधायक को मृतक के दादा ने खरी-खोटी सुना दी। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार को कैंसर पीड़ित किशोरी को आर्थिक मदद उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण परिवार के गुस्से का शिकार होना पड़ा। जब वे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे तो उन्हें मृत किशोरी के दादा ने जमकर खरी खोटी सुनाई। कहा कि आप समय रहते मदद कर देते तो शायद मेरी बेटी बच जाती।
विज्ञापन


बता दें कि जनप्रतिनिधियों को कैंसर और गंभीर बीमारियों के पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने के लिए स्वेच्छानुदान राशि मिलती है। जानकारी के अनुसार नीमच में कैंसर पीड़ित निधि की रविवार को मौत हो गई। वह  तीन वर्षों से कैंसर से जूझ रही थी। परिवार ने निधि के इलाज में सारी जमा पूंजी लगा दी। इसके बाद परिवार ने आमजन और जनप्रतिनिधियों से मदद मांगी थी। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने परिवार को 20 हजार की आर्थिक मदद देने की बात की थी, लेकिन वह भी परिवार को समय से नहीं मिल पाए।
विज्ञापन


बच्ची की मौत के बाद विधायक दिलीप सिंह परिहार परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे थे, लेकिन बच्ची के दादा बालचंद्र वर्मा का गुस्सा विधायक पर फूट पड़ा। उन्होंने विधायक को खरी-खोटी सुनाते हुए मोटी चमड़ी का बताया। उन्होंने कहा कि आप समय रहते मदद कर देते तो शायद मेरी बेटी बच जाती। बीजेपी विधायक दिलीप सिंह परिहार से उन्होंने हाथ जोड़कर विनती की और बोले की मेरी बेटी तो चली गई है मगर आगे से कोई आपसे मदद मांगे तो उसकी मदद आप तुरंत करना।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरे घटनाक्रम पर विधायक दिलीप सिंह परिहार का कहना है कि बच्ची के पिता मुझसे मिलने आए थे। तब मैंने उनसे बच्ची के इलाज का एस्टीमेट बनाकर देने को कहा था, लेकिन वह मुझे नहीं मिला। बाद में मैंने स्वेच्छानुदान से 20 हजार रुपए स्वीकृत किए थे। उन्होंने कहा परिजनों की पीड़ा को देखकर महसूस हुआ। अब मुख्यमंत्री से मिलकर निवेदन करूंगा कि स्वेच्छानुदान की राशि के लिए चेक बुक दे दें ताकि हम तत्काल मदद कर सकें।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed