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नारायण साईं की सजा पर पत्नी ने जाहिर की खुशी, बोलीं- इससे कम तो होनी भी नहीं चाहिए थी
Wed, 01 May 2019 10:22 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 01 May 2019 10:22 AM IST
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नारायण साईं (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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गुजरात के सूरत में स्थित सेशंस अदालत ने मंगलवार को दुष्कर्म मामले में दोषी आसाराम के बेटे नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उम्रकैद की सजा दिए जाने पर नारायण साईं की पत्नी जानकी उर्फ शिल्पी हरपलानी ने खुशी जाहिर की है। नारायण की पत्नी ने कहा, मैंने, आज सुना कि नारायण साईं को सूरत कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मैं खुश हूं, नारायण को अपने कर्मों की इससे कम सजा तो होनी भी नहीं थी।
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जानकी ने कहा कि नारायण की एक नाजायज संतान भी है। सूरत केस के मामले में अदालत ने मुझे भी बयान के लिए बुलाया था। मैंने कई बार तलाक लेना चाहा लेकिन मेरे परिवार को कुछ भी करने के नाम से धमकाया गया। अदालत ने नारायण को 50 हजार रुपए महीने का भरण पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन एक साल से मुझे कुछ नहीं मिला। मैंने इसके लिए भी अपील की। नारायण और आसाराम ने उन शिष्याओं से विश्वासघात किया है, जो उन्हें गुरु और पिता मानती थीं।
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बता दें कि अदालत ने शुक्रवार 26 अप्रैल को सूरत की रहने वाली दो बहनों के साथ दुष्कर्म के आरोप में नारायण साईं को दोषी करार दिया था। इस मामले में अदालत ने दोषी को सजा सुनाने के लिए मंगलबार का दिन तय किया था। यह मामला करीब ग्यारह साल पुराना है। सूरत की रहने वाली दो बहनों ने उसके और उसके पिता के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। एक बहन ने साईं पर 2002 और 2005 के बीच सूरत के आश्रम में रहने पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था।
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पीड़िता की बड़ी बहन ने अहमदाबाद में 1997 और 2006 में आश्रम में रहने के दौरान आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। दोनों बहनों ने साईं और आसाराम के खिलाफ कथित शोषण की अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने आसाराम और उसके बेटे के खिलाफ दुष्कर्म, यौन शोषण और अवैध तरीके से बंधक बनाकर रखना और अन्य अपराध के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने साईं के चार साथियों को भी गिरफ्तार किया था।
