खुदकुशी से पहले वकील ने FB पर लिखा, 'काश हम जुदा न होते'
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पत्नी से प्यार न मिलने पर टूटा मनीष जब आसरे के लिए किसी और के पास पहुंचा तो वहां भी निराशा हाथ लगी, नतीजतन उसने जिंदगी से ही प्यार करना छोड़ दिया और मौत को गले लगा लिया। मरने से पहले उसने फेसबुक पर लिखा, "काश हम जुदा न होते, मुझे तेरी जरूरत है।" फेसबुक पर यह उसके अंतिम शब्द थे जिसके बाद वह दुनिया छोड़ चुका था।
मध्यप्रदेश के दमोह कस्बे के रहने वाले एडवोकेट मनीष खत्री ने तीन साल पहले संचिता से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही पति पत्नी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था वह पत्नी को बहुत चाहता था लेकिन जिस प्यार की उम्मीद उसे थी वह उसे नहीं मिल पा रहा था।
नतीजतन दोनों के रिश्ते पहले कडवाहट और फिर दूरियों में बदल गए। लेकिन मनीष के दिल में प्यार की कसक बाकी थी और इसी कसक ने उसे एक अन्य महिला की ओर खींच लिया। लेकिन किस्मत यहां भी उसे वफा न मित सकी, जिसके चलते वह बुरी तरह टूट गया।
कस्बे के जबलपुर नाका के रहने वाले मनीष ने सोमवार को अपने घर में कुंदे से लटककर जान दे दी। मरने से पहले उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा जिसमें उसने अपनी बेबसी और दर्द को बयां किया।
खत में उसने लिखा, "मैं अपनी मर्जी से जान दे रहा हूं मेरी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। मेरे पास अब मरने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा है जिसके लिए मैंने सबकुछ छोड़ा अब उसी ने मेरा साथ छोड़ दिया है।"
खत में उसने पत्नी संचिता के लिए भी लिखा, "संचिता मुझे माफ कर देना मैं गलत था। पर अगर तुमने मुझे जरा भी समझा होता और प्यार किया होता तो मैं किसी और के पास क्यों जाता। जिंदगी भर दो घड़ी प्यार के लिए तरसता रहा। सच में पागल होता जा रहा हूं कुछ भी अच्छा नहीं लगता।"
"लोग कहते हैं मरने वाले कायर होते हैं लेकिन मौत को सामने देखकर उसे गले लगाने के लिए बहुत बड़ा दिल चाहिए। मेरे दोस्त आफताब ने जिदंगी भर मेरा साथ दिया और साये की तरह मेरे साथ रहा। उसकी दोस्ती का एहसान मैं कभी नहीं चुका पाऊंगा। अगर दोबारा जन्म होता है तो दुआ करना आपको दुख देना दोबारा न आऊं।" अंत में मनीष ने लिखा, "बहुत प्यार करता हूं आपसे मम्मी और उससे।"
वहीं मनीष की मौत के बाद साथी वकीलों और दोस्तों का उसके घर तांता लग गया। मनीष की मौत के बाद उसके दोस्तों ने फेसबुक पर भी उसे श्रद्धांजलि दी।
