एमपी: दमोह में अवैध शराब के खिलाफ भड़कीं महिलाएं, घरों में छिपी बोतलें सड़क पर फोड़ीं; 5100 का जुर्माना तय
दमोह के बासनी गांव में अवैध शराब की बिक्री से परेशान महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन कर घरों में छिपी शराब की बोतलें सड़क पर फोड़ दीं। ग्रामीणों ने शराब पीकर मारपीट या हंगामा करने पर 5,100 और अवैध बिक्री पर 11,000 रुपये जुर्माना तय किया।
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दमोह जिले के बासनी गांव में गुरुवार दोपहर महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। शराब की बिक्री और सेवन से परेशान महिलाओं ने घरों में छिपाकर रखी शराब की बोतलें निकालकर सड़क पर फोड़ दीं। महिलाओं का आरोप है कि गांव में अवैध रूप से शराब बिकने के कारण उनके पति शराब पीकर आए दिन मारपीट और घर में हंगामा करते हैं।
पंचनामा बनाकर जुर्माना तय
महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सागर नाका और नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सरपंच पारसमणी चन्दन सिंह की मौजूदगी में पुलिस और ग्रामीणों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद पंचनामा तैयार किया गया।
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पंचनामा में सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव में शराब पीकर मारपीट या हंगामा करने वाले व्यक्ति पर 5,100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, गांव में अवैध रूप से शराब बेचते पकड़े जाने वाले व्यक्ति पर 11,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक, पास के देवरान गांव में शराब की दुकान संचालित है। वहां से कुछ लोग शराब लाकर बासनी गांव में अवैध रूप से बेचते हैं। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आक्रोशित महिलाओं ने अपने घरों में पतियों द्वारा छिपाकर रखी गई शराब की बोतलें निकालकर सड़क पर फोड़ दीं।
लगातार गश्त करेगी पुलिस
नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी विक्रम दांगी ने बताया कि बासनी गांव में सबसे अधिक आदिवासी परिवार निवास करते हैं। गांव में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से शराब बेचने के कारण महिलाएं परेशान थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अब गांव में लगातार गश्त करेगी। अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
