फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News In Hindi: Bjp approach SC for seeking direction of floor test kamal nath challenge shivraj

मध्यप्रदेश सियासी संकट पर कल 'सुप्रीम' फैसला, शिवराज ने कमलनाथ को बताया रणछोड़दास

Mon, 16 Mar 2020 03:16 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 16 Mar 2020 03:16 PM IST
विज्ञापन
MP News In Hindi: Bjp approach SC for seeking direction of floor test kamal nath challenge shivraj
मध्यप्रदेश सियासी संकट: कमलनाथ-शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

मध्यप्रदेश में राजनीतिक संकट के बीच सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और मुख्य सचिव के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की है। वहीं भाजपा ने राज्यपाल लालजी टंडन के सामने सभी विधायकों की परेड कराई और कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पमत में हैं। राज्यापल से मुलाकात के बाद शिवराज ने कमलनाथ को रणछोड़दास बताया। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट पहुंचे शिवराज
उच्चतम न्यायालय मप्र कमलनाथ सरकार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का निर्देश देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के लिए सोमवार को तैयार हो गया। राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 16 मार्च को सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था। 
विज्ञापन


शीर्ष अदालत में सोमवार को संबंधित अधिकारी के समक्ष इस मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए उल्लेख किया गया। याचिका में कहा गया है कि राज्य विधानसभा के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और विधानसभा के प्रधान सचिव को इस न्यायालय के आदेश के 12 घंटे के भीतर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने का निर्देश दिया जाए। अधिवक्ता सौरभ मिश्रा के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफा के बाद कमलनाथ सरकार विश्वास खो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा विधायकों ने राज्यपाल के समक्ष दर्ज कराई मौजूदगी
मध्यप्रदेश विधानसभा के 26 मार्च तक स्थगित होने के बाद भाजपा के 106 विधायक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल लालजी टंडन के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई। इसके साथ ही भाजपा नेताओं ने भाजपा के पास बहुमत का दावा करते हुए राज्यपाल से शक्ति परीक्षण करवाने की मांग की।

राज्यपाल से मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाददाताओं से कहा, 'कमलनाथ सरकार बहुमत खो कर अल्पमत में आ चुकी है और इसलिए राज्यपाल ने उसे आज 16 तारीख को ही राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया था।'

शिवराज बोले- रणछोड़दास हैं कमलनाथ
भाजपा नेता शिवराज ने कहा, 'सरकार रणछोड़दास बन गई है। इ‘बहुमत होता तो सरकार को शक्ति परीक्षण कराने में दिक्कत क्या थी? लेकिन मुख्यमंत्री बच रहे हैं और समय काट रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि उनकी सरकार अल्पमत में है। इसलिए राज्यपाल के निर्देश का पालन नहीं किया और सरकार रणछोड़दास बन गई। सत्र स्थगित करके भाग गई। भाजपा के पास बहुमत है और हमने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वह जल्द से जल्द शक्ति परीक्षण कराएं। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि वह हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगे।'

कांग्रेस विधायकों के ‘बंदी’ रहने की स्थिति में शक्ति परीक्षण अर्थहीन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को सुबह राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर कहा है कि उनकी पार्टी के विधायकों को भाजपा द्वारा कर्नाटक पुलिस के नियंत्रण में बेंगलुरु में ‘बंदी’ के रुप में रखा गया है और ऐसी स्थिति में सदन में शक्ति परीक्षण कराना अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक होगा।

कमलनाथ में छह पृष्ठ के पत्र में लिखा है 'मैं यह स्मरण करना चाहूंगा कि 13 मार्च 2020 को आपसे मुलाकात के दौरान मैंने आपको अवगत कराया था कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के कई विधायकों को बंदी बना कर कर्नाटक पुलिस के नियंत्रण में रखकर उन्हें विभिन्न बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मैंने यह स्पष्ट किया था कि ऐसी परिस्थितियों में विधानसभा में किसी भी शक्ति परीक्षण का कोई औचित्य नहीं होगा और ऐसा करना पूर्ण रुप से अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक होगा। शक्ति परीक्षण का औचित्य तभी है जब सभी विधायक बंदिश से बाहर तथा पूर्ण रुप से दबावमुक्त हों।'

भाजपा में हिम्मत तो मेरी सरकार के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव
कमलनाथ ने सोमवार को मुख्य विपक्षी दल भाजपा को उनकी सरकार के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की चुनौती दी। कमलनाथ ने भाजपा को यह चुनौती तब दी है, जब मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने आज से शुरू हुए बजट सत्र की कार्यवाही राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के तत्काल बाद 26 मार्च तक स्थगित कर दी।

विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में शक्ति परीक्षण न कराए जाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, 'यदि भाजपा को लगता है कि हमारे पास बहुमत नहीं है, तो वह मेरी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए। वे ऐसा करने से क्यों कतरा रहे हैं?'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed