मध्यप्रदेश हनीट्रैप मामला: पूर्व सीएम कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ीं, एसआईटी करेगी पूछताछ
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ हनीट्रैप की पेन ड्राइव उनके पास होने वाले बयान को लेकर फंसते नजर आ रहे हैं। एसआईटी ने इस मामले में उन्हें नोटिस जारी कर पेन ड्राइव मांगी है।
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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ने वाली है। हनीट्रैप की पेन ड्राइव मामले में एसआईटी ने नोटिस जारी किया है। पूर्व मंत्री उमंग सिंघार के बचाव में कमलनाथ ने कहा था कि मेरे पास हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। मध्यप्रदेश में हनीट्रैप की जांच कर एसआईटी ने उन्हें 2 जून को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। एसआईटी ने कमलनाथ से पेन ड्राइव की भी मांग की है। साथ ही नोटिस में 2 जून को पूछताछ करने के लिए श्यामला हिल्स स्थित उनके आवास पर पहुंचने का जिक्र किया है।
Madhya Pradesh | SIT has issued a notice to ex-Madhya Pradesh CM Kamal Nath over his statement on honey-trap case. SIT has also demanded the pen-drive that he mentioned in an online press meet on June 21, 2021.
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— ANI (@ANI) May 30, 2021
क्या मचा सियासी बवाल?
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री उमंग सिंघार की महिला मित्र ने भोपाल में आत्महत्या कर ली थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उमंग सिंघार उससे कुछ दिन बाद शादी करने वाले थे। खुदकुशी के अगले दिन पुलिस ने उमंग सिंघार के ऊपर एफआईआर दर्ज की थी। उसके बाद उमंग सिघार के बचाव में कांग्रेस उतर आई थी। 21 मई को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में पत्रकारवार्ता को संबोधित किया था। कमलनाथ ने इसी पर कहा था कि उनके पास भी हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। उनके कहने का मतलब था कि भाजपा नेताओं के हनीट्रैप वाला वीडियो उनके पास भी मौजूद है। इस पर भाजपा ने कमलनाथ को आड़े हाथ लिया था। उसी बयान को लेकर विवाद बढ़ा है।
21 मई को कमलनाथ ने कोरोना को लेकर केंद्र सरकार पर बोला था हमला
दरअसल, 21 मई को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में पत्रकारवार्ता को संबोधित किया था। इस दौरान कमलनाथ ने केंद्र की मोदी सरकार पर कोरोना को लेकर कई आरोप लगाए थे। कमलनाथ ने कहा कि दुनियाभर में देश की पहचान इंडियन कोरोना के नाम से बन गई है। सरकार अपनी छवि सुधारने में लगी हुई है और लोग यहां मर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर कोरोना से मरने वाले की संख्या छिपाने का भी आरोप लगाया था। जिसके अगले दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके बयानों पर सफाई दी थी।
