फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP police registered an FIr against 6 year old on assaulting and hurling abuses on another kid

दो बच्चों के बीच लड़ाई, पुलिस ने 6 साल के बच्चे पर दर्ज की एफआईआर

Fri, 28 Jun 2019 08:53 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 28 Jun 2019 08:53 AM IST
विज्ञापन
MP police registered an FIr against 6 year old on assaulting and hurling abuses on another kid
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने बुधवार को एक बच्चे के खिलाफ दूसरे बच्चे को जानबूझकर चोट पहुंचाने और गालियां देने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। वहीं गुरुवार को पुलिस को पता चला कि आरोपी की उम्र केवल छह साल है। 

विज्ञापन


बिहोरा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज डीपी लोहिया ने कहा, 'पांच साल के बच्चे की मां बुधवार को एफआईआर दर्ज कराने के लिए आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक लड़के के उनके बेटे को पत्थर से मारा और उसे गालियां दी। मेडिकल परीक्षण के बाद हमने भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 294 के तहत मामला दर्ज कर लिया। महिला ने हमें बताया कि आरोपी बच्चे की उम्र 12 साल है।'
विज्ञापन


जिस बच्चे के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया उसके पिता ने कहा, 'दोनों बच्चे पेड़ से खजूर तोड़ने के लिए गए थे। गलती से एक पत्थर बच्चे पर लग गया और वह घायल हो गया। इसके बाद बच्चे की मां ने इसे बड़ा मामला बना दिया और मेरे बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी।'
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा, 'बच्चों में से एक को चोट लगी थी इसलिए तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। हम इस मामले को किशोर न्याय बोर्ड के पास भेजेंगे।' वकील अनंत अस्थाना ने कहा, 'यह पुलिस की गलती है। अब पुलिस को किशोर न्याय बोर्ड में एक आवेदन जमा कराना होगा। जिसमें यह बताना होगा कि उसने एफआईआर दर्ज क्यों की। अब बोर्ड तय करेगा कि एफआईआर को खारिज करना है या किशोर न्याय अधिनियम की उचित धाराओं में मामला दर्ज करना है।'


इस मामले पर बाल अधिकार कार्यकर्ता प्रशांत खरे ने कहा, 'यह हैरानी वाली बात है कि पुलिस ने बिना तथ्यों की पड़ताल किए मामला दर्ज कर लिया। यदि एक मां किसी पर आरोप लगा रही है लेकिन उसका कहना है कि अपराध एक बच्चे ने किया है तो पुलिस को एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed