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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP Panchayat Election News: Kamal Nath alleges Shivraj Govt didn't do anything to provide OBC reservation in panchayat polls

MP Panchayat Election: मतदान होगा, लेकिन नतीजे नहीं आएंगे, यह कैसा मजाक है; ऐसा कोई चुनाव देश में नहीं हुआ: कमलनाथ

Thu, 23 Dec 2021 04:26 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 23 Dec 2021 04:26 PM IST
सार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर बने असमंजस पर उन्होंने कहा कि रोटेशन के बिना चुनाव नहीं होने देंगे। 

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MP Panchayat Election News: Kamal Nath alleges Shivraj Govt didn't do anything to provide OBC reservation in panchayat polls
कांग्रेस नेता कमलनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने गुरुवार को प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार पर कड़े हमले किए। उन्होंने कहा कि कोरोना का बहाना बनाकर राज्य सरकार ने डेढ़ साल में पंचायत चुनाव नहीं कराए। 28 उपचुनाव हुए। कई चुनाव हुए। अब ये बिना रोटेशन और परिसीमन के पंचायत चुनाव करा रहे हैं। सरकार के पास कुछ कहने को है नहीं। वह लोग झूठ बोलने में माहिर है। 
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उन्होंने कहा कि आज सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि ओबीसी आरक्षण के बिना कोई चुनाव नहीं होंगे। मैं आज सबका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि परसों हमने ही यह बात रखी थी कि हम प्रस्ताव पास करें। मैंने ही सदन में कहा था कि हम आपकी पूरी मदद करने को तैयार है। सच तो यह है कि डेढ़ साल से इनकी सरकार है। इनकी जिम्मेदारी थी कि पंचायत चुनाव करवाएं, हमने तो परिसीमन करा दिया था। हमने रोटेशन करा दिया था। यदि इनको यह मंजूर नहीं था तो संशोधन करवा देते। कोरोना का बहाना बनाकर डेढ़ साल इन्होंने पंचायत के चुनाव नहीं करवाए। इस दौरान प्रदेश में 28 उपचुनाव हुए और कई अन्य चुनाव हुए। अब ये पंचायत चुनाव करवा रहे हैं, वो भी बिना रोटेशन और बिना परिसीमन के। हम रोटेशन व परिसीमन के मुद्दे पर कोर्ट गए। इनके पास कहने को कुछ नहीं, झूठ बोलने में माहिर है। हम जिस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में गए, वह इंटरनेट पर है। खुली किताब है। सारी प्रोसीडिंग इंटरनेट पर है। हमारी पूरी चर्चा रोटेशन पर केंद्रित रही। आखिर जो 7 साल से इंतजार कर रहे थे कि मेरा नंबर भी आएगा, रोटेशन उसका अधिकार है जो छिन गया, उसने 7 साल इंतजार किया था, अब क्या वो 5 साल और इंतजार करेगा? परिसीमन से लोग दुखी है पंचायत से उनका गांव दूर है।
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न्याय के लिए कोर्ट गए थे
कमलनाथ ने कहा कि इनके पास डेढ़ साल था, लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया। हम रोटेशन के मामले में कोर्ट गए कि सबके साथ न्याय हो जाएगा, पर कोर्ट का निर्णय दूसरी तरफ आ गया। कोर्ट में सरकार के वकील और चुनाव आयोग के वकील में उपस्थित थे। उन्होंने कोई बहस नहीं की, कोई विरोध नहीं किया। यह सब रिकॉर्ड पर है। जब हमने मामला उठाया तो ध्यान मोड़ने के लिए आरोप-प्रत्यारोप में लग गए। यह स्पष्ट करें कि क्या बिना आरक्षण के यह चुनाव कराएंगे? वो कह रहे हैं कि हम कोर्ट गए हैं। अरे आप कहीं भी जाइए,आपने सदन में जो आश्वासन दिया, उस पर अमल करें, जो आश्वासन आपने प्रदेश को दिया, उस पर अमल करिए।
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