{"_id":"628db04fa04f30539b52f9df","slug":"mp-panchayat-chunav-mayor-and-chairman-elections-will-be-held-in-the-state-through-direct-system-ordinance-may-be-approved-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Panchayat Chunav: जनता सीधे चुनेगी महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष, अध्यादेश को आज मिल सकती है मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Panchayat Chunav: जनता सीधे चुनेगी महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष, अध्यादेश को आज मिल सकती है मंजूरी
Wed, 25 May 2022 03:24 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 25 May 2022 03:24 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। यानी जनता सीधे महापौर और अध्यक्षों को चुनेगी। इसके लिए सरकार ने अध्यादेश दोबारा राज्यपाल को भेज दिया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों में महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। जनता सीधे अपने महापौर और अध्यक्षों को चुनेगी। इसके लिए सरकार ने अध्यादेश दोबारा राज्यपाल को भेज दिया है। इसे बुधवार को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके बाद ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा।
सरकार की तरफ से एक सप्ताह में दूसरी बार प्रस्ताव बनाकर राज्यपाल को भेजा गया है। मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के बीच अध्यादेश को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद दोबारा प्रस्ताव राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया। इससे पहले भी सरकार ने अध्यादेश राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा था, लेकिन बाद में वापस बुला लिया था। इसके बाद महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होने को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। पार्षद महापौर और अध्यक्ष को चुनते, लेकिन अब दोबारा सरकार की तरफ से प्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव कराने की तैयारी तेज हो गई है।
विज्ञापन
कमलनाथ सरकार ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का लिया था निर्णय
इससे पहले कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का निर्णय लिया था। बीजेपी की सरकार बनने के बाद शिवराज ने कमलनाथ के निर्णय को अध्यादेश लाकर पलट दिया था। इसे डेढ़ साल तक विधानसभा में पेश ही नहीं किया गया। यहीं कारण है कि कमलनाथ के अप्रत्यक्ष प्रणली से चुनाव कराने की व्यवस्था अभी भी प्रभावी है। अब सरकार दोबारा से अध्यादेश लेकर आई है।
विज्ञापन
सरकार की तरफ से एक सप्ताह में दूसरी बार प्रस्ताव बनाकर राज्यपाल को भेजा गया है। मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के बीच अध्यादेश को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद दोबारा प्रस्ताव राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया। इससे पहले भी सरकार ने अध्यादेश राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा था, लेकिन बाद में वापस बुला लिया था। इसके बाद महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होने को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। पार्षद महापौर और अध्यक्ष को चुनते, लेकिन अब दोबारा सरकार की तरफ से प्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव कराने की तैयारी तेज हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमलनाथ सरकार ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का लिया था निर्णय
इससे पहले कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का निर्णय लिया था। बीजेपी की सरकार बनने के बाद शिवराज ने कमलनाथ के निर्णय को अध्यादेश लाकर पलट दिया था। इसे डेढ़ साल तक विधानसभा में पेश ही नहीं किया गया। यहीं कारण है कि कमलनाथ के अप्रत्यक्ष प्रणली से चुनाव कराने की व्यवस्था अभी भी प्रभावी है। अब सरकार दोबारा से अध्यादेश लेकर आई है।
