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MP News: दिग्विजय सिंह पर मानहानि का केस दर्ज करने का आदेश, भाजपा नेताओं पर जासूसी का आरोप लगाने का मामला
Thu, 19 May 2022 05:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 19 May 2022 05:08 PM IST
सार
मामला करीब तीन साल पुराना है, जब दिग्विजय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेताओं पर देश के खिलाफ जासूसी करने का आरोप लगाया था। ग्वालियर जिला न्यायालय ने मानहानि का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
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दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। उन पर ग्वालियर जिला न्यायालय ने मानहानि का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। आने वाले दिनों में उन्हें कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। ये मामला करीब तीन साल पुराना है, जब दिग्विजय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेताओं पर देश के खिलाफ जासूसी करने का आरोप लगाया था।
बता दें कि भिंड में 31 अगस्त 2019 को आयोजित पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि एक बात मत भूलिए, जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, सभी बजरंग दल, भाजपा, आईएसआई से पैसा ले रहे हैं। इस पर थोड़ा ध्यान दीजिए। एक बात और बताऊं पाकिस्तान से आईएसआई के लिए जासूसी मुसलमान कम कर रहे हैं, गैर मुसलमान ज्यादा कर रहे हैं। जब मामला कोर्ट पहुंचा तो सिविल कोर्ट ने 11 जनवरी 2020 को इसे निरस्त कर दिया था।
इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता अवधेश सिंह भदौरिया सत्र न्यायालय पहुंचे। उन्होंने तर्क दिया कि वे वकील होने के साथ-साथ RSS का कार्यकर्ता भी हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा ओर बजरंग दल के सभी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए गए हैं और करोड़ों कार्यकर्ताओं में से ही वे भी एक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं। इसलिए उन्हें भी दिग्विजय सिंह के विरुद्ध परिवाद पत्र दाखिल करने का अधिकार है। इस आधार पर परिवाद पत्र खारिज नहीं किया जा सकता। जबकि दिग्विजय सिंह के विरुद्ध न्यायालय में सभी पर्याप्त साक्ष्य हैं। जिसके बाद सत्र न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को अवैधानिक और त्रुटि पूर्ण माना। इसी के साथ अधीनस्थ न्यायालय को आदेश दिया है वह मामले पर पुनर्विचार कर प्रकरण में अभियुक्त के विरुद्ध मानहानि का मामला दर्ज कर विधिवत कार्रवाई करे।
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बता दें कि भिंड में 31 अगस्त 2019 को आयोजित पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि एक बात मत भूलिए, जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, सभी बजरंग दल, भाजपा, आईएसआई से पैसा ले रहे हैं। इस पर थोड़ा ध्यान दीजिए। एक बात और बताऊं पाकिस्तान से आईएसआई के लिए जासूसी मुसलमान कम कर रहे हैं, गैर मुसलमान ज्यादा कर रहे हैं। जब मामला कोर्ट पहुंचा तो सिविल कोर्ट ने 11 जनवरी 2020 को इसे निरस्त कर दिया था।
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इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता अवधेश सिंह भदौरिया सत्र न्यायालय पहुंचे। उन्होंने तर्क दिया कि वे वकील होने के साथ-साथ RSS का कार्यकर्ता भी हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा ओर बजरंग दल के सभी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए गए हैं और करोड़ों कार्यकर्ताओं में से ही वे भी एक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं। इसलिए उन्हें भी दिग्विजय सिंह के विरुद्ध परिवाद पत्र दाखिल करने का अधिकार है। इस आधार पर परिवाद पत्र खारिज नहीं किया जा सकता। जबकि दिग्विजय सिंह के विरुद्ध न्यायालय में सभी पर्याप्त साक्ष्य हैं। जिसके बाद सत्र न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को अवैधानिक और त्रुटि पूर्ण माना। इसी के साथ अधीनस्थ न्यायालय को आदेश दिया है वह मामले पर पुनर्विचार कर प्रकरण में अभियुक्त के विरुद्ध मानहानि का मामला दर्ज कर विधिवत कार्रवाई करे।
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