{"_id":"638785ee283ea02b260dc95b","slug":"mp-news-four-leopards-died-within-10-days-in-bandhavgarh-tiger-reserve-in-umaria","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 दिन के अंदर चार तेंदुए की मौत, प्रबंधन पर उठने लगे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 दिन के अंदर चार तेंदुए की मौत, प्रबंधन पर उठने लगे सवाल
Wed, 30 Nov 2022 10:04 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 30 Nov 2022 10:04 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फिर एक तेंदुए की मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद पार्क में हड़कंप की स्थिति बनी गई। पार्क के पनपथा बफर और कोर परिक्षेत्र में 10 दिन के भीतर चार तेंदुए की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
तेंदुए की मौत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ में लगातार हो रही तेंदुए की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। बांधवगढ़ में जहां सप्ताह भर में लगातार तेंदुए की मौत का मामला थमा भी नहीं था कि फिर एक तेंदुए की मौत ने प्रबंधन पर सवाल खड़ा कर दिया है। पनपथा बफर क्षेत्र में बुधवार को फिर एक तेंदुए के शव को गश्ती दल ने देखा है, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने तेंदुए के शव को चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसका अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, बांधवगढ़ के पनपथा बफर क्षेत्र की करौंदिया बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ 609 से लगे राजस्व क्षेत्र की सीमा के पास तेंदुआ शावक, जिसकी उम्र लगभग सात से आठ महीने है। गश्ती दल ने मृत अवस्था में पाया है। गश्ती दल के द्वारा तत्काल प्रबंधन को सूचना दी गई, जिसके बाद प्रबंधन और डॉक्टर मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया।
विज्ञापन
तेंदुआ मौत के मामले में बताया गया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत होने की वजह किसी बाघ के हमले से होना प्रतीत होता है। मृत तेंदुआ के गले और शरीर के अन्य हिस्सों में बाघ के दांतो के निशान भी देखे गए हैं। उसके आसपास बाघ के पद चिन्ह भी पाए गए हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि तेंदुए की मौत की वजह बाघ का हमले से होना प्रतीत होता है। तेंदुए के शव को वन्य प्राणी के निर्धारित प्रोटोकाल के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार कराया गया है।
विज्ञापन
