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MP News: भोपाल में पहली बार तीन ग्रीन कॉरिडोर बनें, 23 वर्षीय ब्रेन डेड युवक का हार्ट अहमदाबाद भेजा
Mon, 28 Nov 2022 01:50 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 28 Nov 2022 01:50 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के भोपाल में पहली बार तीन ग्रीन कॉरिडोर बने। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद 23 वर्षीय अनमोल जैन का दिल अहमदाबाद, लीवर इंदौर, किडनी को भोपाल के चिरायु अस्पताल में ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया।
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अनमोल जैन
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी भोपाल में पहली बार रविवार को एक साथ तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। इससे 5 लोगों को नई जिंदगी मिलेगी। यह ग्रीन कॉरिडोर शहर के सिद्धांता अस्पताल से चिरायु अस्पताल, राजा भोज एयरपोर्ट और इंदौर के लिए बनाया गया। जिससे 23 वर्षीय अनमोल के अंगों को पहुंचाया गया।
अनमोल का ऑर्गन ले जाते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
23 वर्षीय अनमोल जैन नेहरू नगर में रहता था। उनका परिवार मूलत: सोहागपुर का रहने वाला है। 17 नवंबर को अनमोल की बा्इक डिवाइडर से टकरा गई थी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। सिर में ब्लड क्लॉटिंग की वजह से सर्जरी भी की गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने रिस्पांस करना बंद कर दिया। जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। ब्रेन डेड होने पर अनमोल के परिजनों ने तय किया है कि अनमोल के जरिए कुछ जिंदगियों को नया जीवन दिया जाए। अनमोल के हार्ट को अहमदाबाद, लीवर को इंदौर, एक किडनी को चिरायु अस्पताल भेजा गया। वहीं कॉर्निया हमीदिया अस्पताल भेजा गया।
अनमोल ने पांच से ज्यादा लोगों को नई जिंदगी दी
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों की स्वीकृति के बाद ऑर्गन ट्रांसप्लाट कमेटी से संपर्क कर अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद सुबह 9.30 से 11 बजे के बीच तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस को एयरपोर्ट, इंदौर और चिरायु अस्पताल के लिए रवाना किया गया। यह भोपाल का 13वां और प्रदेश का 57वां ऑर्गन डोनेशन है। अनमोल ने बीकॉम करने के बाद एचआर में एमबीए किया था।
यातायात पुलिस की तरफ से सिद्धांता अस्पताल से व्यस्ततम ट्रैफिक समय में 53.0 किमी के तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। इसमें 3 निरीक्षक, 2 सूबेदार, 7 उपनिरीक्षक, 8 सहायक उप निरीक्षक, 7 प्रधान आरक्षक एवं 30 आरक्षक समेत 55 यातायात स्टाफ का बल लगाया गया।
पहला कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से पुराना एयरपोर्ट तक बनाया गया। जिसमें 13.8 किमी की दूसरी एंबुलेंस द्वारा 11 मिनट में तय की गई।
दूसरा कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से फंदा टोल नाका तक बनाया गया। जिसमें 30 किमी की दूसरी एंबुलेंस द्वारा 25 मिनट में तय की गई।
तीसरा कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से चुरायु अस्पताल तक बनाया गया। जिसमें 14.5 किमी की दूरी एंबुलेंस द्वारा 14 मिनट में तय की गई।
यातायात पुलिस की तरफ से सिद्धांता अस्पताल से व्यस्ततम ट्रैफिक समय में 53.0 किमी के तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। इसमें 3 निरीक्षक, 2 सूबेदार, 7 उपनिरीक्षक, 8 सहायक उप निरीक्षक, 7 प्रधान आरक्षक एवं 30 आरक्षक समेत 55 यातायात स्टाफ का बल लगाया गया।
पहला कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से पुराना एयरपोर्ट तक बनाया गया। जिसमें 13.8 किमी की दूसरी एंबुलेंस द्वारा 11 मिनट में तय की गई।
दूसरा कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से फंदा टोल नाका तक बनाया गया। जिसमें 30 किमी की दूसरी एंबुलेंस द्वारा 25 मिनट में तय की गई।
तीसरा कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से चुरायु अस्पताल तक बनाया गया। जिसमें 14.5 किमी की दूरी एंबुलेंस द्वारा 14 मिनट में तय की गई।
