{"_id":"630703734f5910774f241b7b","slug":"mp-news-commission-set-up-to-investigate-vidisha-s-lateri-shooting-tribals-were-killed-by-forest-staff-s-bul","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: विदिशा के लटेरी गोलीकांड की जांच के लिए आयोग गठित, वन अमले की गोली से आदिवासी की हुई थी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: विदिशा के लटेरी गोलीकांड की जांच के लिए आयोग गठित, वन अमले की गोली से आदिवासी की हुई थी मौत
Thu, 25 Aug 2022 10:44 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 25 Aug 2022 10:44 AM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने विदिशा के लटेरी गोलीकांड के लिए सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित कर दिया है। आयोग तीन माह में रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
विज्ञापन
मंत्रालय भवन, वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : File
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने विदिशा के लटेरी में एक व्यक्ति की मौत की घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश वीपीएस चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। आयोग तीन माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। आयोग का मुख्यालय भोपाल होगा।
आयोग घटना की परिस्थितियां बनने का कारण, वन कर्मियों का परिस्थिति के अनुसार गोली चलाना ठीक था या नहीं, यदि नहीं तो दोषी कौन है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सुझाव देगा। और जांच के लिए जरूरी सभी पलुओं को शामिल करेगा।
बता दें विदिशा के लटेरी के ग्राम खटयापुरा में 9 अगस्त को वन अमले और आदिवासी ग्रामीणों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें वन अमले की गोली से एक आदिवासी की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। वन कर्मियों ने मृतक पर लकड़ी चोरी करने का आरोप लगाया था। वहीं, इस घटना के बाद सरकार ने डीएफओ का ट्रांसफर कर दिया था और 8 वन कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। रायसेन जिले के डीएफओ अजय पांडे को विदिशा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विज्ञापन
विदिशा कलेक्टर ने मृतक के परिजन को 20 लाख की सहायता और घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही मृतक के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया था। साथ ही पुलिस ने वनकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की थी।
इधर वनकर्मियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद वन विभाग के कर्मियों ने भी अलग-अलग जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और वनकर्मियों पर दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और शस्त्र प्रयोग संरक्षण की मांग की। इसको लेकर मुख्यालय पर भी कर्मचारी संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन
आयोग घटना की परिस्थितियां बनने का कारण, वन कर्मियों का परिस्थिति के अनुसार गोली चलाना ठीक था या नहीं, यदि नहीं तो दोषी कौन है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सुझाव देगा। और जांच के लिए जरूरी सभी पलुओं को शामिल करेगा।
विज्ञापन
बता दें विदिशा के लटेरी के ग्राम खटयापुरा में 9 अगस्त को वन अमले और आदिवासी ग्रामीणों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें वन अमले की गोली से एक आदिवासी की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। वन कर्मियों ने मृतक पर लकड़ी चोरी करने का आरोप लगाया था। वहीं, इस घटना के बाद सरकार ने डीएफओ का ट्रांसफर कर दिया था और 8 वन कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। रायसेन जिले के डीएफओ अजय पांडे को विदिशा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विज्ञापन
विदिशा कलेक्टर ने मृतक के परिजन को 20 लाख की सहायता और घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही मृतक के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया था। साथ ही पुलिस ने वनकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की थी।
इधर वनकर्मियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद वन विभाग के कर्मियों ने भी अलग-अलग जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और वनकर्मियों पर दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और शस्त्र प्रयोग संरक्षण की मांग की। इसको लेकर मुख्यालय पर भी कर्मचारी संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं।
