MP News: भोपाल की नवनियुक्त महापौर मालती राय भ्रष्टाचार में फंसीं, 15 साल पुराना है मामला
राजधानी भोपाल में भ्रष्टाचार को खत्म करने का भाषण देने वालीं महापौर खुद भ्रष्टाचार में फंस गई हैं। यह मामला 15 साल पुराना है। अब संभागायुक्त ने सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है।
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भोपाल महापौर मालती राय को भ्रष्टाचार मामले में नोटिस मिला है। मामला 15 साल पुराना बताया जा रहा है। अब संभागायुक्त ने सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है।
भोपाल की महापौर मालती राय ने अपने पहले भाषण में नगर निगम से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कही थी। अब उनके शपथ लेने के अगले ही दिन 7 अगस्त को उनको 15 साल पुराने मामले में नोटिस मिला है। यह मामला एमपी नगर में सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के निर्माण से जुड़ा है। जिसमें तत्कालीन भाजपा के 39 पार्षदों को ठेकेदार को 85 लाख रुपये का अधिक भुगतान करने का दोषी पाया गया था। उस समय मालती राय पार्षद थीं। इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ अकील ने लोकायुक्त को शिकायत की थी। जिसके बाद लोकायुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट 2007 में संभागायुक्त को भेजी थी। रिपोर्ट में दोषी पार्षदों को अयोग्य घोषित करने और 85 लाख रुपये की वसूली करने की सिफारिश की है। जिसके बाद से मामला पेंडिंग था। अब सुनवाई के लिए संभागायुक्त ने नोटिस जारी किए हैं।
दरअसल 2005 में एमपी नगर जोन-2 में 5.45 करोड़ से सीसी रोड, पाइप लाइन, सीवेज लाइन समेत विकास कार्य होने थे। इसमें एक फर्म ने एसओआर से 7.2 प्रतिशत कम रेट पर ऑफर किया। इसका भाजपा पार्षदों ने विरोध किया और बीजेपी पार्षदों के बहुमत के आधार पर टेंडर रद्द हो गया। इसके बाद उसी कंपनी को एसओआर से 8.38 प्रतिशत अधिक का ऑफर दिया गया। इससे निगम को 85 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। इसकी ही वसूली लोकायुक्त ने पार्षदों से करने की सिफारिश की है।
