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Bhopal: पत्नी ने जिस कमरे में फांसी लगाई, बैंक कर्मी ने भी वहीं जान दी, लिखा- अब मां भी नहीं रही
Tue, 04 Oct 2022 06:42 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 04 Oct 2022 06:42 PM IST
सार
भोपाल में एक बैंक कर्मी ने घर में फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने उसी पंखे से फंदा बांधकर जान दी, जिससे उसकी पत्नी ने 18 दिन पहले फांसी लगाई थी। इस बीच उसकी मां की भी मौत हो गई।
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बैंककर्मी ने फांसी लगाकर दी जान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में एक बैंक कर्मी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने उसी पंखे से फंदा बांधकर आत्महत्या की, जिस फंदे से 18 दिन पहले उसकी पत्नी ने आत्महत्या की थी। मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा कि अब मां भी नहीं रही।
ऐशबाग थाना पुलिस के अनुसार, दीपक कुमार परिवार के साथ ऐशबाग के आचार्य नरेंद्र देव नगर में रहता था। 35 वर्षीय दीपक के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। दीपक के परिवार कमला भाई, छोटा भाई विकास और पत्नी हेमलता थे। सोमवार को छोटा भाई घर पहुंचा तो दीपक को फांसी के फंदे पर लटका देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। दीपक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार खुद को बताया है।
दीपक मां से बहुत प्यार करता था। वह नौकरी पर जाने से पहले रोज मां के पैर पकड़कर जाता था। सुसाइड नोट में दीपक ने लिखा कि अब मां भी चली गई। दीपक ने उसे पंखे से फंदा बनाकर जान दी, जिससे उसकी पत्नी ने लटकर आत्महत्या की थी।
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दीपक की करीब एक साल पहले ही शादी हुई थी। दीपक इंडसइंड बैंक में काम करता था। विकास का कुछ दिन पहले हेमलता से किसी बात पर विवाद हुआ था। इससे दु:खी होकर उसने घर में पंखे से फंदा बांधकर 15 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। इसके कुछ दिन बाद ही दीपक की मां का टेंशन में बीपी बढ़ गया, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 21 सितंबर को उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद से दीपक परेशान चल रहा था।
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ऐशबाग थाना पुलिस के अनुसार, दीपक कुमार परिवार के साथ ऐशबाग के आचार्य नरेंद्र देव नगर में रहता था। 35 वर्षीय दीपक के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। दीपक के परिवार कमला भाई, छोटा भाई विकास और पत्नी हेमलता थे। सोमवार को छोटा भाई घर पहुंचा तो दीपक को फांसी के फंदे पर लटका देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। दीपक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार खुद को बताया है।
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दीपक मां से बहुत प्यार करता था। वह नौकरी पर जाने से पहले रोज मां के पैर पकड़कर जाता था। सुसाइड नोट में दीपक ने लिखा कि अब मां भी चली गई। दीपक ने उसे पंखे से फंदा बनाकर जान दी, जिससे उसकी पत्नी ने लटकर आत्महत्या की थी।
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दीपक की करीब एक साल पहले ही शादी हुई थी। दीपक इंडसइंड बैंक में काम करता था। विकास का कुछ दिन पहले हेमलता से किसी बात पर विवाद हुआ था। इससे दु:खी होकर उसने घर में पंखे से फंदा बांधकर 15 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। इसके कुछ दिन बाद ही दीपक की मां का टेंशन में बीपी बढ़ गया, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 21 सितंबर को उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद से दीपक परेशान चल रहा था।
