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MP News: देश की पहली सुसाइड प्रिवेंशन पॉलिसी लाने जा रहा मध्य प्रदेश, 2020 में 14,578 लोगों ने की आत्महत्या
Sun, 21 Aug 2022 05:19 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 21 Aug 2022 05:19 PM IST
सार
मध्य प्रदेश देश की पहली सुसाइड प्रिवेंशन पॉलिसी (आत्महत्या रोकथाम नीति) लाने जा रहा है। इस पॉलिसी के निर्माण के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक कमेटी का गठन किया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार आत्महत्या करने वालों की संख्या 2019 के मुकाबले 2020 में बढ़ गई है।
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चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आकड़ों के अनुसार आत्महत्या करने वालों की संख्या 2019 के मुकाबले 2020 में बढ़ गई है। अब मध्य प्रदेश देश की पहली सुसाइड प्रिवेंशन पॉलिसी (आत्महत्या रोकथाम नीति) लाने जा रहा है। इस पॉलिसी के निर्माण के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक कमेटी का गठन किया है।
चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग ने सुसाइड प्रिवेंशन पॉलिसी की जानकारी देते हुए बताया कि मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी द्वारा दिए गए सुझाव पत्र पर सरकार ने गंभीरता से गौर करते हुए इस दिशा में काम आरंभ कर दिया है। इस कमेटी में देश के ख्यातिलब्ध मनोचिकित्सकों, विधिविशेषज्ञों, समाजशास्त्रियों को शामिल किया गया है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में इस पॉलिसी को अगले 2 से 3 महीने में लागू कर पाएं। सारंग ने कहा कि यदि पॉलिसी लागू हो जाती है तो प्रदेश देश में सुसाइड प्रिवेंशन पॉलिसी लागू करने वाला पहला प्रदेश बन जाएगा।
सारंग ने एक शोध का हवाला देते हुए बताया कि आत्महत्या की एक घटना के साथ 200 ऐसे लोग होते हैं जो इसके बारे में सोच रहे होते हैं और 15 लोग इसका प्रयास कर चुके होते हैं। इन आंकड़ों से हम समझ सकते हैं कि कुछ प्रयासों और नीतियों से कितनी सारी मौतों को रोका जा सकता है। आत्महत्या मृत्यु का एक ऐसा कारण है जिसे 100 प्रतिशत रोका जा सकता है।
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कमेटी सभी कारणों का करेगी विश्लेषण- आत्महत्या के पीछे के सभी कारणों जैसे आर्थिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक का विश्लेषण करते हुए हर घटक पर अध्ययन कर उसके अनुसार से नीति पर क्रियान्वयन किया जाएगा।
कोविड के बाद बढ़े मानसिक रोगी- कोविड महामारी के बाद मानसिक रोगों में काफी इजाफा हुआ। इस दौरान लोग बीमारी और आर्थिक संकट के कारण लोग डिप्रेशन के शिकार हुए।
जनजागरण अभियान चलाएगी- सरकार जनजागरण अभियान शुरू करेगी। ताकि लोग समय पर इसके लिए सहायता ले सकें। इसमें लोगों के जीवन की गुणवत्ता (QOL) बढ़ाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को मूर्त रूप दिया जाएगा।
ये हैं एनसीआरबी के आंकड़े- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। देश में आत्महत्या करने वालों की संख्या 2019 के मुकाबले 2020 में बढ़ गई है। एनसीआरबी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के तहत देश में 2020 में 153,052 लोगों ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद प्रति लाख आबादी पर सुसाइड रेट 2019 के मुकाबले 10.4 से बढ़कर 11.3 हो गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2020 में देश के अंदर रोजाना 418 लोगों ने आत्महत्या की। मध्य प्रदेश में 2020 में 14,578 लोगों ने आत्महत्या की।
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चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग ने सुसाइड प्रिवेंशन पॉलिसी की जानकारी देते हुए बताया कि मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी द्वारा दिए गए सुझाव पत्र पर सरकार ने गंभीरता से गौर करते हुए इस दिशा में काम आरंभ कर दिया है। इस कमेटी में देश के ख्यातिलब्ध मनोचिकित्सकों, विधिविशेषज्ञों, समाजशास्त्रियों को शामिल किया गया है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में इस पॉलिसी को अगले 2 से 3 महीने में लागू कर पाएं। सारंग ने कहा कि यदि पॉलिसी लागू हो जाती है तो प्रदेश देश में सुसाइड प्रिवेंशन पॉलिसी लागू करने वाला पहला प्रदेश बन जाएगा।
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सारंग ने एक शोध का हवाला देते हुए बताया कि आत्महत्या की एक घटना के साथ 200 ऐसे लोग होते हैं जो इसके बारे में सोच रहे होते हैं और 15 लोग इसका प्रयास कर चुके होते हैं। इन आंकड़ों से हम समझ सकते हैं कि कुछ प्रयासों और नीतियों से कितनी सारी मौतों को रोका जा सकता है। आत्महत्या मृत्यु का एक ऐसा कारण है जिसे 100 प्रतिशत रोका जा सकता है।
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कमेटी सभी कारणों का करेगी विश्लेषण- आत्महत्या के पीछे के सभी कारणों जैसे आर्थिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक का विश्लेषण करते हुए हर घटक पर अध्ययन कर उसके अनुसार से नीति पर क्रियान्वयन किया जाएगा।
कोविड के बाद बढ़े मानसिक रोगी- कोविड महामारी के बाद मानसिक रोगों में काफी इजाफा हुआ। इस दौरान लोग बीमारी और आर्थिक संकट के कारण लोग डिप्रेशन के शिकार हुए।
जनजागरण अभियान चलाएगी- सरकार जनजागरण अभियान शुरू करेगी। ताकि लोग समय पर इसके लिए सहायता ले सकें। इसमें लोगों के जीवन की गुणवत्ता (QOL) बढ़ाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को मूर्त रूप दिया जाएगा।
ये हैं एनसीआरबी के आंकड़े- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। देश में आत्महत्या करने वालों की संख्या 2019 के मुकाबले 2020 में बढ़ गई है। एनसीआरबी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के तहत देश में 2020 में 153,052 लोगों ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद प्रति लाख आबादी पर सुसाइड रेट 2019 के मुकाबले 10.4 से बढ़कर 11.3 हो गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2020 में देश के अंदर रोजाना 418 लोगों ने आत्महत्या की। मध्य प्रदेश में 2020 में 14,578 लोगों ने आत्महत्या की।
