फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP Fertilizer Crisis: After November 15, the situation will improve, Chouhan has given confidence - by October 30, 32 additional rakes will reach

मप्र खाद संकट: किसान के सुसाइड के बाद मुख्यमंत्री ने खाद पर की बैठक, 15 नवंबर के बाद स्थिति में आएगा सुधार

Fri, 29 Oct 2021 01:39 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Fri, 29 Oct 2021 01:39 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में खाद संकट दूर करने के लिए सरकार ने कोशिशें तेज कर दी हैं। 15 नवंबर के बाद स्थिति में सुधार आएगा। फिलहाल 30 अक्टूबर तक 32 अतिरिक्त रैक मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच रहे हैं। 

विज्ञापन
MP Fertilizer Crisis: After November 15, the situation will improve, Chouhan has given confidence - by October 30, 32 additional rakes will reach
अपने निवास पर खाद आपूर्ति की समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश में खाद संकट विकराल रूप लेता जा रहा है। अशोकनगर के एक किसान ने खाद संकट के चलते कीटनाशक पीकर जान दे दी। इससे पहले, गुना और अशोकनगर में खाद की मांग के साथ प्रदर्शन कर रहे किसानों पर प्रशासन ने लाठीचार्ज किया था। अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश की आवश्यकता के अनुसार डीएपी, यूरिया, एनपीके की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी, किसान भाई परेशान न हों। प्रदेश के विभिन्न स्थान पर 32 अतिरिक्त रैक 30 अक्टूबर तक पहुंचेंगे। यह यूरिया किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। 
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि 15 नवंबर से पहले खाद संकट दूर होता नजर नहीं आ रहा है। चौहान ने भी कहा है कि नवंबर में खाद की आपूर्ति को लेकर भारत सरकार से चर्चा करेंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री चौहान ने अपने निवास पर प्रदेश में खाद की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, कृषि उत्पादन आयुक्त शैलेन्द्र सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि अजीत केसरी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश में खाद की आपूर्ति के संबंध में केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया से फोन पर चर्चा की।
विज्ञापन


आंकड़ों में नहीं है संकट
भले ही मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में किसान खाद के लिए सड़कों पर उतरे हो, आंकड़े अच्छे नजर आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर के अंत तक 3 लाख 48 हजार मीट्रिक टन यूरिया किसानों ने उठाया था। इस साल 3 लाख 18 हजार मीट्रिक टन उठा लिया है। बाकी शेष बची मात्रा भी इस माह के अंत तक उपलब्ध करा दी जाएगी। पिछले साल अक्टूबर तक 2 लाख 78 हजार मीट्रिक टन डीएपी किसानों ने खरीदा था। इस साल 2 लाख 31 हजार मीट्रिक टन डीएपी किसान खरीद चुके हैं। बची हुई शेष मात्रा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed