MP Election 2023: बीजेपी की दूसरी लिस्ट आने के बाद मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी का पलटवार, कही ये बड़ी बात
मैहर विधानसभा से वर्तमान विधायक नारायण त्रिपाठी को दरकिनार कर श्रीकांत को विधायक प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। इस पर नारायण ने मोदी के 'यंग इंडिया मिशन' पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, बीजेपी के सांसद विधायक का चुनाव लड़ेंगे और विधायक सरपंच का। पार्टी ने बूढे़ सांसदों को विधायकी का टिकट देकर युवा के रूप में अवतरित किया है। ऐसा कर युवाओं को यह संदेश दिया है कि वह पार्टी में दरी बिछाने की योग्यता ही रखते हैं और आगे भी यही कार्य करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश में सोमवार रात भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी विधानसभा को लेकर प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी गई। जैसा कि पहले से अंदेशा जताया जा रहा था कि मैहर विधायक विगत तीन साल से बीजेपी पार्टी से बगावत कर लगातार विंध्य प्रदेश की मांग कर रहे थे। सूची जारी होने के बाद मैहर में उनके स्थान पर श्रीकांत चतुर्वेदी को टिकट दे दिया गया है। इसके बाद वीडियो जारी कर बीजेपी सहित संगठन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, उन्होंने वीडियो में दूसरी सूची जारी होने को लेकर बधाई दी है। मैहर विधायक ने कहा, वर्तमान केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता को अगर पार्टी विधानसभा का चुनाव लड़ा रही है तो ऐसे में क्या विधायकों को सरपंची का चुनाव लड़ना चाहिए।
सतना लोकसभा सीट से चार बार के सांसद गणेश सिंह इस बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें सतना सीट से पार्टी प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। उधर, पूरे पांच साल असमंजस में उलझे रहे मैहर को लेकर भी बीजेपी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए श्रीकांत चतुर्वेदी के नाम पर मुहर लगाई है। भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों की दूसरी सूची में सतना जिले की दो और सीटों के उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। जिला मुख्यालय की सबसे प्रतिष्ठा पूर्ण सतना विधानसभा सीट से पार्टी ने इस बार अपने सबसे बड़े चेहरे पर दांव लगाया है। सतना सीट से इस बार चार बार के सांसद गणेश सिंह बीजेपी प्रत्याशी होंगे।
मैहर विधायक ने आगे कहा कि वरिष्ठ लोगों को ही विधानसभा का चुनाव लड़ना था तो मुरली मनोहर जोशी और लालकृष्ण आडवाणी का अपराध क्या था। उन्हें दूर क्यों बैठा दिया, युवा राष्ट्र युवा नेतृत्व की कल्पना करने वाले भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और सूची जारी करने वाले नेताओं को मैं बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि मैहर जिला बन गया है। मैं सभी को यह बताना चाहता हूं कि आगे चलकर विंध्य प्रदेश बन कर रहेगा।
साल 2003 में उमा भारती की मप्र की सियासत में आमद के बाद बीजेपी में आए गणेश सिंह 2004 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सदस्य चुने गए थे, जिस वक्त बीजेपी ने उन्हें लोकसभा का टिकट दिया था, वे सतना जिला पंचायत के अध्यक्ष थे। तब से लगातार वे सतना लोकसभा सीट पर बीजेपी की विजय पताका फहराते रहे हैं। उन्होंने विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह, पूर्व सांसद सुखलाल कुशवाहा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल और पूर्व महापौर राजाराम त्रिपाठी को लोकसभा चुनावों में हराया। हालांकि, उसके पहले उन्होंने विधानसभा चुनावों में भी किस्मत आजमाई थी। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
छात्र राजनीति से राजनैतिक सफर की शुरुआत करने वाले सांसद गणेश सिंह को ओबीसी का बड़ा चेहरा माना जाता है। लोकसभा चुनावों में यह फैक्टर उनकी जीत में बड़ी भूमिका निभाता आया है। हालांकि, विधानसभा चुनाव के स्तर पर सतना सीट पर अगड़े वोटरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बता दें कि सतना सीट से पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी सहित अन्य कई नाम बीजेपी के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे। लेकिन इन सबके बीच बीजेपी में सतना में अपने सबसे बड़े चेहरे गणेश सिंह पर भरोसा जताया है।
पिछले कई साल से प्रदेश की सियासत में सुर्खियों में छाई रही सतना जिले की मैहर सीट को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर भी बीजेपी ने विराम लगा दिया है। बीजेपी ने मैहर सीट से श्रीकांत चतुर्वेदी को प्रत्याशी बनाया है। श्रीकांत साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी थे और बीजेपी प्रत्याशी नारायण त्रिपाठी से 2,984 मतों से चुनाव हार गए थे। श्रीकांत को 51,893 और नारायण को 54,877 वोट मिले थे। नारायण के बागी तेवरों के चर्चा में आने के बाद श्रीकांत बीजेपी में शामिल हो गए थे।
फिलहाल, वे प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी उनका मुकाबला नारायण से ही होगा। हालांकि, अब जब बीजेपी ने नारायण के प्रत्याशी होने की संभावनाओं को खत्म कर दिया है, तब यह अभी तय नहीं है कि वे किस दल से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने अपनी पार्टी विंध्य जनता पार्टी भी बना रखी है।
