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MP Cheetah Project: चीता टास्क फोर्स बनाने संशोधित आदेश जारी, प्रोजेक्ट सफल बनाने में निभाएगा खास भूमिका
Fri, 23 Sep 2022 05:22 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 23 Sep 2022 05:22 PM IST
सार
टास्क फोर्स की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया से आए चीतों की शिकार करने की कला और कूनो नेशनल पार्क में उनके घुलने-मिलने की गतिविधियों पर नजर रखना होगा।प्रोजेक्ट चीता को सफल बनाने में यह टास्क फोर्स सबसे महत्वपूर्ण भूमिका में होगा।
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चीता टास्क फोर्स बनाने को लेकर एक संशोधित आदेश जारी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने शुक्रवार को चीता टास्क फोर्स बनाने को लेकर एक संशोधित आदेश जारी किया है। इससे पहले जो टास्क फोर्स बना था, उसे लेकर कुछ आईएफएस अधिकारियों में तनातनी का माहौल बन गया था। इस टास्क फोर्स की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया से आए चीतों की शिकार करने की कला और कूनो नेशनल पार्क में उनके घुलने-मिलने की गतिविधियों पर नजर रखना होगा। इस लिहाज से प्रोजेक्ट चीता को सफल बनाने में यह टास्क फोर्स सबसे महत्वपूर्ण भूमिका में होगा।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यह टास्क फोर्स मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए बनाया है। यह टास्क फोर्स चीतों के हेल्थ के अपडेट्स पर नजर रखने के साथ ही उनके क्वारंटाइन से बाहर निकलकर बड़े बाड़ों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा। यह भी देखेगा मध्यप्रदेश वन विभाग और NTCA के बनाए प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है या नहीं। साथ ही यह टास्क फोर्स चीतों के ओवरऑल स्वास्थ्य, व्यवहार और उनके घुलने-मिलने की रफ्तार के साथ-साथ उनकी शिकार करने की कला और नए घर में उनके अभ्यस्त होने की गतिविधियों पर नजर रखेगा।
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चीतों को बाड़ों में कब छोड़ना है, तय करेगा
इस टास्क फोर्स को कई सारे काम दिए हैं। चीतों से जुड़े सभी निर्णयों की जिम्मेदारी इसी टास्क फोर्स की रहेगी। यह ही तय करेगा कि क्वारंटाइन अवधि खत्म कर कब चीतों को बड़े बाड़ों में छोड़ना है? घास के मैदान में उन्हें कब छोड़ना उचित होगा? इसके साथ ही इलाके के आम लोगों को प्रोजेक्ट चीता में कैसे जोड़ना है, इस पर भी फैसले टास्क फोर्स ही करेगा। टास्क फोर्स के लिए आवश्यक है कि वह सभी चीता मित्रों से नियमित तौर पर बातचीत करें। चीतों के बारे में आसपास के गांवों में लोगों को जागरुक करें। साथ ही पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों की योजना बनाकर उन्हें अमलीजामा पहनाएं।
दो साल के लिए रहेगा यह टास्क फोर्स
इस टास्क फोर्स का कार्यकाल दो साल का रहेगा। हर महीने कम से कम एक मीटिंग होगी। यह टास्क फोर्स चीतों के बाड़ों की निगरानी के लिए एक सब कमेटी नियुक्त कर सकती है। यह फैसला टास्क फोर्स ही करेगा। टास्क फोर्स में प्रमुख सचिव (वन), प्रमुख सचिव (पर्यटन), प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक और वन अमले का मुखिया, प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) और चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन, NTCA नई दिल्ली के आईजी डॉ. अमित मलिक, देहरादून के वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की साइंटिस्ट डॉ. विष्णु प्रिया, भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार अभिलाष खांडेकर को सदस्य बनाया गया है। इसी तरह टास्क फोर्स का समन्वयक अतिरिक्त प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक- वन्यप्राणी सुभोरंजन सेन रहेंगे।
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यह टास्क फोर्स मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए बनाया है। यह टास्क फोर्स चीतों के हेल्थ के अपडेट्स पर नजर रखने के साथ ही उनके क्वारंटाइन से बाहर निकलकर बड़े बाड़ों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा। यह भी देखेगा मध्यप्रदेश वन विभाग और NTCA के बनाए प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है या नहीं। साथ ही यह टास्क फोर्स चीतों के ओवरऑल स्वास्थ्य, व्यवहार और उनके घुलने-मिलने की रफ्तार के साथ-साथ उनकी शिकार करने की कला और नए घर में उनके अभ्यस्त होने की गतिविधियों पर नजर रखेगा।
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चीतों को बाड़ों में कब छोड़ना है, तय करेगा
इस टास्क फोर्स को कई सारे काम दिए हैं। चीतों से जुड़े सभी निर्णयों की जिम्मेदारी इसी टास्क फोर्स की रहेगी। यह ही तय करेगा कि क्वारंटाइन अवधि खत्म कर कब चीतों को बड़े बाड़ों में छोड़ना है? घास के मैदान में उन्हें कब छोड़ना उचित होगा? इसके साथ ही इलाके के आम लोगों को प्रोजेक्ट चीता में कैसे जोड़ना है, इस पर भी फैसले टास्क फोर्स ही करेगा। टास्क फोर्स के लिए आवश्यक है कि वह सभी चीता मित्रों से नियमित तौर पर बातचीत करें। चीतों के बारे में आसपास के गांवों में लोगों को जागरुक करें। साथ ही पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों की योजना बनाकर उन्हें अमलीजामा पहनाएं।
दो साल के लिए रहेगा यह टास्क फोर्स
इस टास्क फोर्स का कार्यकाल दो साल का रहेगा। हर महीने कम से कम एक मीटिंग होगी। यह टास्क फोर्स चीतों के बाड़ों की निगरानी के लिए एक सब कमेटी नियुक्त कर सकती है। यह फैसला टास्क फोर्स ही करेगा। टास्क फोर्स में प्रमुख सचिव (वन), प्रमुख सचिव (पर्यटन), प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक और वन अमले का मुखिया, प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) और चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन, NTCA नई दिल्ली के आईजी डॉ. अमित मलिक, देहरादून के वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की साइंटिस्ट डॉ. विष्णु प्रिया, भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार अभिलाष खांडेकर को सदस्य बनाया गया है। इसी तरह टास्क फोर्स का समन्वयक अतिरिक्त प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक- वन्यप्राणी सुभोरंजन सेन रहेंगे।
