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Morena News: महिला बाल विकास के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की फर्जी नियुक्ति का मामला
Sun, 30 Apr 2023 07:51 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरैना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरैना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 30 Apr 2023 07:51 PM IST
सार
इस अवैध नियुक्ति के चलते आवेदक वर्षा शर्मा ने महिला बाल विकास अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई। वर्षा ने आठ नवंबर 2021 और एसडीएम को नौ नवंबर 2021 शिकायती आवेदन दिया। आवेदन को नजरअंदाज करते हुए अवैध नियुक्ति दी गई, अपात्र को पात्र बना दिया।
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शिकायतकर्ता वर्षा शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के मुरैना तहसील जोरा के ग्राम पंचायत मुदावली में आंगनवाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता की नियुक्ति के लिए आवेदन लिए गए। ग्राम पंचायत में लगभग 15 महिलाओं ने आवेदन किए् थे। विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने इन आवेदनों का निरीक्षण कर अंजना शर्मा की नियुक्ति आदेश दे दिया। आरोप है कि अंजना शर्मा को दो जगह का निवासी होने की वजह से अपात्र घोषित किया जाना था। लेकिन उल्टा उन्हें नियुक्ति दे दी गई।
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आरोपों के मुताबिक, अंजना शर्मा पत्नी संत कुमार शर्मा का नाम ग्राम पंचायत मुदावली मतदाता सूची में 61 नंबर पर नाम दर्ज है। नगर पंचायत जोरा के वार्ड संख्या 3 की मतदाता सूची संख्या 112 पर नाम दर्ज है। इसी तरह अंजना शर्मा का आईडी नंबर दोनों जगह दर्ज है। यानी आवेदक अंजना शर्मा का दो जगह का वोटर कार्ड, दो जगह परिवार आईडी होने के बाद अपात्र घोषित होना था। लेकिन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार के चलते आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का नियुक्ति पत्र अंजना शर्मा को दे दिया।
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इस अवैध नियुक्ति के चलते आवेदक वर्षा शर्मा ने महिला बाल विकास अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई। वर्षा ने आठ नवंबर 2021 और एसडीएम को नौ नवंबर 2021 शिकायती आवेदन दिया। आवेदन को नजरअंदाज करते हुए अवैध नियुक्ति दी गई, अपात्र को पात्र बना दिया।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास अधिकारी ने वर्षा शर्मा को 28 मार्च 2023 को बुलाया। आपत्तिकर्ता वर्षा शर्मा ने सही आवेदन की जांच कर न्याय मांगा।
आरोप है कि अंजना शर्मा ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के लिए कई लाख रुपये दिए थे। उसके दस्तावेजों में हेराफेरी कर नियुक्ति दी गई, क्योंकि शिकायत मिलने के बाद जांच नहीं की गई। अंजना शर्मा ने जोरा वार्ड 3 की वोटर लिस्ट में अपना नाम हटवा दिया, पांच जनवरी 2022 को हटाया गया। जबकि फॉर्म 2020 में भरा गया। यह सब सोची समझी रणनीति के तहत अधिकारियों से मिलकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई।
जोरा के महिला बाल विकास में पदस्थ बाबू सुजान सिंह गुर्जर का कहना है कि अंजना शर्मा का आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए नियुक्ति के आदेश हो गए हैं। अगर कोई गलत है तो न्यायालय में अपनी बात रखे।
